मध्य प्रदेश में नवंबर की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड का प्रकोप
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नवंबर के पहले सप्ताह से ही सर्दी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। रात के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग आठ डिग्री सेल्सियस कम है। शहर का न्यूनतम तापमान अब 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर की सबसे ठंडी रातों में से एक है। दिन के समय हल्की धूप जरूर निकल रही है, लेकिन जैसे ही शाम होती है, ठिठुरन और बढ़ जाती है। लोग गर्म कपड़ों में लिपटकर अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं।
उत्तर भारत में हिमालयी बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड का पहला बड़ा झोंका है, और आने वाले दिनों में ऐसा ही मौसम बना रहेगा। प्रमुख मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद हरसाना ने जानकारी दी कि हिमालय के पर्वतीय इलाकों में जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में शुरुआती बर्फबारी हो चुकी है। इससे उत्तर दिशा से ठंडी और शुष्क हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बह रही हैं। इंदौर जैसे शहरों में रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों में हरियाणा के पास सक्रिय चक्रवात उत्तर भारत के पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के साथ मिल जाएगा। इससे ठंड और भी अधिक भयंकर हो सकती है, और रात का तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
सावधानियों और मौसम की वर्तमान स्थिति
इंदौर की सड़कों पर सुबह के समय धुंध की चादर छाई रही, जिससे यातायात और जीवन प्रभावित हुआ। पार्कों में बुजुर्ग कंबल ओढ़े चाय की चुस्कियां लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का न्यूनतम और अधिकतम तापमान में सामान्य से 5 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी जा रही है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है, जो ठंडी हवाओं को तेज कर रहा है। अभी हरियाणा का चक्रवात इन हवाओं को कुछ हद तक रोक रहा है, लेकिन नवंबर में ऐसी स्थिति कम ही देखने को मिलती है। पिछले साल इस समय तापमान 18 से 20 डिग्री के आसपास था, जबकि इस बार यह केवल 10 डिग्री तक सिमट गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, घर में हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा ठंड से सांस की बीमारियां बढ़ सकती हैं। इसलिए अभी से ही तैयारी जरूरी है, नहीं तो सर्दी का असर गंभीर हो सकता है।











