बिलासपुर रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हुए रेल दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह हादसा मंगलवार को गेवरा रोड-बिलासपुर मार्ग पर एक पैसेंजर ट्रेन (MEMU) और खड़ी मालगाड़ी के टकराने से हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। इस भीषण दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
घटना के दौरान ग्रामीणों का अद्भुत साहस और मानवता
इस हादसे के समय ग्राम गतौरा के युवाओं ने जो बहादुरी और मानवता का परिचय दिया, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बन गया है। ग्राम कटोरा के सोनू बघेल, पिता बैसाखू बघेल, अपने दोस्तों कमलेश पात्रे, सोदान पात्रे, भैरव निषाद, जितेन्द्र गेन्डले और संतोष के साथ तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंचे। उस समय लोग भयभीत और सहमे हुए थे, लेकिन इन युवाओं ने बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद शुरू कर दी।
साहसिक प्रयास और राहत कार्य
हादसे के तुरंत बाद ये युवा दूर से ही ट्रेन और मालगाड़ी के टकराने का दृश्य देख चुके थे। उन्होंने तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया। डिब्बे क्षतिग्रस्त हो चुके थे और यात्री अंदर फंसे हुए थे, जिनकी चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। सोनू बघेल और उनके साथियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पास के वाहनों से अस्पताल भेजा गया।
मलबे में फंसे बच्चे की जान बचाने का प्रयास
राहत कार्य के दौरान इन युवाओं को मलबे में एक दो साल के बच्चे का शव मिला, जो पेट में लोहे का बड़ा टुकड़ा फंसा हुआ था। सोनू बघेल और उनके साथियों ने बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उपकरणों की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पाया। जब बचाव दल मौके पर पहुंचा, तो उन्होंने बच्चे को बाहर निकाला, हालांकि उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी।
सोशल मीडिया से मदद और हीरो की पहचान
इन युवाओं ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर घायलों की पहचान और उनके परिजनों को सूचित किया। उन्होंने अपने मोबाइल से फोटो और वीडियो साझा किए, जिससे कई परिवारों को अपने प्रियजनों की जानकारी मिली और अस्पतालों में मदद पहुंची। इन युवाओं की बहादुरी और मानवता की मिसाल को देखकर स्थानीय लोग और अधिकारी इनकी प्रशंसा कर रहे हैं।
स्थानीय युवाओं की वीरता ने बचाई कई जिंदगियां
हादसे के दौरान रेलवे और प्रशासनिक टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लगा, लेकिन तब तक सोनू बघेल, कमलेश पात्रे, सोदान पात्रे, भैरव निषाद, जितेन्द्र गेन्डले और संतोष ने कई जिंदगियों को सुरक्षित निकाल लिया। इन युवाओं को स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने उनके साहस के लिए सम्मानित किया है। ग्राम कटोरा के ये युवा अब बिलासपुर रेल हादसे के असली नायक बन गए हैं, जिन्होंने विपत्ति की घड़ी में मानवता का परिचय दिया।











