बिहार के मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या का मामला गरमाया
बिहार के मोकामा जिले में पूर्व प्रत्याशी और जन सुराज कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या ने राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, और इसकी जांच तेज कर दी गई है।
पोते नीरज कुमार का बड़ा आरोप और घटना का वर्णन
दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने आज तक से विशेष बातचीत में दावा किया कि उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी है। उन्होंने कहा कि गोली चलाने वाले व्यक्ति अनंत सिंह ही थे। नीरज ने स्पष्ट किया कि वह उस समय दादा की गाड़ी में नहीं, बल्कि पीछे वाली गाड़ी में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि जब घटना हुई, तो लोगों ने उन्हें रोक लिया और दादा के पास जाने से मना कर दिया, लेकिन उन्होंने खुद देखा कि गोली किसने चलाई।
नीरज का पुलिस पर आरोप और धमकी का खुलासा
नीरज ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अनंत सिंह को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा को 15 दिन पहले ही धमकी दी गई थी, जिसमें अनंत सिंह ने फोन कर कहा था कि यदि वे चुनाव प्रचार से नहीं हटे, तो जान से मार देंगे। नीरज ने यह भी कहा कि उस समय वे बहुत नर्वस थे, इसलिए बयान में विरोधाभास दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह के साथियों ने उनके काफिले को रोका और दादा को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला।
आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया
बिहार पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह सहित कुल 80 लोगों को गिरफ्तार किया है। अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को रविवार रात हिरासत में लिया गया और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से ही राजनीतिक हलकों में तनाव बना हुआ है, और न्याय की उम्मीद जताई जा रही है।









