महाराष्ट्र में डॉक्टरों का राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू
महाराष्ट्र में कार्यरत डॉक्टरों ने सोमवार से पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन और बहिष्कार का ऐलान किया है। यह आंदोलन मुख्य रूप से उस मेडिकल अधिकारी डॉ. संपदा मुंडे को न्याय दिलाने के लिए किया जा रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इस पहले चरण में सभी ओपीडी (OPD) सेवाएं बंद रहेंगी, जिससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
डॉक्टरों का समर्थन और न्याय की मांग
डॉक्टरों के संगठन सेंट्रल मार्ड (Central MARD) ने इस विरोध का समर्थन करते हुए कहा है कि यदि सरकार ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की, तो वे अपनी सभी चिकित्सा सेवाएं निलंबित कर देंगे। इस आंदोलन के दौरान, डॉक्टरों का कहना है कि यदि मरीजों को कोई परेशानी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस संघर्ष में डॉक्टरों ने यह भी प्रतिज्ञा की है कि जब तक डॉ. संपदा मुंडे को न्याय नहीं मिल जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मामले की गंभीरता और सरकार की प्रतिक्रिया
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए, तो वे अपनी सेवाएं पूरी तरह से बंद कर सकते हैं। इस बीच, डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत डॉ. संपदा मुंडे के पैतृक गांव का दौरा किया और उनके परिवार से मुलाकात की। इस घटना ने पूरे राज्य में चिकित्सा क्षेत्र में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।











