मोकामा में हत्या का मामला और राजनीतिक तनाव
बिहार के मोकामा क्षेत्र में चुनावी माहौल के बीच दुलारचंद यादव की हत्या ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस घटना ने सियासी गलियारों में तीव्र प्रतिक्रिया उत्पन्न कर दी है। इस मामले में जदयू के उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे प्रदेश में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और रातभर पुलिस की हलचल जारी रही। आइए इस घटना की पूरी टाइमलाइन और पुलिस की कार्रवाई पर नजर डालते हैं।
हत्या की जांच और अनंत सिंह की गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, पटना पुलिस की टीम मोकामा से जुड़ी इस हत्या की जांच में जुटी थी। रात के करीब 11:10 बजे पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा बाढ़ के कारगिल मार्केट पहुंचे, जहां अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। इस दौरान एसएसपी ने उनसे बातचीत की और प्रारंभिक जांच के आधार पर 11:45 बजे उन्हें हिरासत में लेकर पटना के लिए रवाना किया।
रातभर पुलिस की कार्रवाई जारी रही और खबर आई कि पटना में देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। लगभग 1 बजे यह जानकारी मीडिया तक पहुंची। वहीं, पटना के जिलाधिकारी भी 1:30 बजे तक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में पहुंच चुके थे। अंततः रात 1:45 बजे पुलिस टीम अनंत सिंह को लेकर पटना पहुंची।
इसके बाद रात 2 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें पटना के डीएम ने चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण चुनाव कराने का आश्वासन दिया। वहीं, एसएसपी ने इस पूरे मामले में अनंत सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया
एसएसपी ने बताया कि 30 अक्टूबर को मोकामा के तारतर इलाके में दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुई झड़प के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि घटना के समय अनंत सिंह मौजूद थे और उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया।
इसके अलावा, पुलिस ने उनके दो सहयोगियों- मणिकांत ठाकुर और रणजीत राम को भी गिरफ्तार किया है। दोनों पक्षों ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, और जांच में स्पष्ट हुआ कि यह हत्या का मामला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने और चोट के निशान की पुष्टि हुई है।
एसएसपी ने यह भी कहा कि अनंत सिंह को इस मामले का मुख्य अभियुक्त माना गया है। अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस कार्रवाई ने चुनावी माहौल को गरम कर दिया है, और देर रात हुई गिरफ्तारी ने राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है। बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।











