महाराष्ट्र में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया
पुणे जिले में एक ठग गिरोह ने एक कॉन्ट्रैक्टर को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। इस गिरोह ने उसे एक फर्जी विज्ञापन के माध्यम से झांसा दिया, जिसमें लिखा था कि एक पुरुष को गर्भवती कराने का काम किया जाएगा। इस विज्ञापन को देखकर पीड़ित ने संपर्क किया, जिसके बाद उसकी 11 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई।
ऑनलाइन ठगी का तरीका और आरोपी का फर्जीवाड़ा
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने खुद को महिला बताकर पहले वीडियो भेजा और फिर रजिस्ट्रेशन, मेंबरशिप, गोपनीयता और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर ठगी शुरू कर दी। धीरे-धीरे पीड़ित से अलग-अलग खातों में कुल 11 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज, नकली सर्टिफिकेट और सेलिब्रिटी साइन किए गए प्रमाणपत्र दिखाकर भरोसा दिलाया। बाद में, पुलिस को धमकी देकर और पैसे वसूल कर गिरोह ने अपना काम पूरा किया।
साइबर नेटवर्क का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सावंत ने बताया कि यह मामला एक बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़ा है, जिसे ‘प्रेग्नेंट जॉब’ या ‘प्लेबॉय सर्विस’ रैकेट कहा जाता है। यह गिरोह 2022 से देशभर में सक्रिय है और मुख्य रूप से बेरोजगार या आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निशाना बनाता है। यह गिरोह फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर पीड़ितों को आकर्षित करता है।
फर्जी ऑफर्स और ठगी का विस्तृत तरीका
गैंग का दावा है कि बंधुआ महिलाओं को गर्भवती बनाकर वे 5 से 25 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। इसके लिए आधार, पैन कार्ड और सेल्फी जैसी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है। फिर, सिक्योरिटी फीस, टैक्स और होटल बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये ठगे जाते हैं। इस गिरोह का मुख्य अड्डा बिहार के नवादा जिले में है, जहां से पूरे देश में इस तरह की धोखाधड़ी का नेटवर्क चलाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है।











