नीदरलैंड के आम चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी को झटका
नीदरलैंड में हाल ही में सम्पन्न हुए आम चुनावों में प्रवासी विरोधी दक्षिणपंथी नेता गीर्ट बिल्डर्स की फ्रीडम पार्टी को महत्वपूर्ण हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणामों के अनुसार, लिबरत पार्टी डी-66 ने ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए अपनी सीटें तीन गुना बढ़ा ली हैं। इस चुनाव में 38 वर्षीय रॉब जेत्तेन की अगुवाई में डी-66 ने अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि बिल्डर्स की पार्टी ने 2023 के रिकॉर्ड प्रदर्शन के मुकाबले भारी गिरावट दर्ज की है। यदि रॉब जेत्तेन प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह देश के सबसे युवा और समलैंगिक नेता होंगे। जेत्तेन ने जीत के बाद कहा कि डच जनता ने नफरत की राजनीति को पीछे छोड़कर एक उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का फैसला किया है। अब संभावना है कि डी-66 क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर नई सरकार का गठन करेगी।
वाइल्डर्स की पार्टी का सत्ता से जाना और चुनावी परिदृश्य
हालांकि अंतिम परिणामों में फ्रीडम पार्टी पहले स्थान पर आ सकती है, लेकिन 2023 में पीवीवी (पार्टी वेरिफिकेशन वॉलंटियर) की चौंकाने वाली जीत के बाद वाइल्डर्स की सरकार का कार्यकाल अस्थायी रूप से समाप्त होता दिख रहा है। चुनाव से पहले, मुख्यधारा की सभी प्रमुख डच पार्टियों ने वाइल्डर्स के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया था। यूरोपीय देश में यह चुनाव वाइल्डर्स द्वारा पीवीवी को सत्ता में आने के एक साल से भी कम समय बाद जून में सरकार से बाहर करने के बाद शुरू हुए थे। वाइल्डर्स की पार्टी को तब किनारे कर दिया गया था, जब उनके सहयोगियों ने उनकी कट्टरपंथी शरणार्थी-विरोधी नीतियों का समर्थन करने से इनकार कर दिया। इन नीतियों को व्यापक रूप से अव्यवहारिक या अवैध माना गया। इस लोकलुभावन नेता ने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी की सरकार में शामिल होने की संभावना नहीं है।
वाइल्डर्स का प्रतिक्रिया और चुनावी परिणाम
वाइल्डर्स ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा कि मतदाता ने अपनी बात कह दी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि परिणाम अलग होंगे, लेकिन हम अपनी बात पर अड़े रहे। उल्लेखनीय है कि नीदरलैंड में आनुपातिक चुनाव प्रणाली के तहत, 0.67 प्रतिशत वोट पाने वाले उम्मीदवार को एक सांसद का टिकट मिलता है। इस प्रणाली में कुल 27 पार्टियों ने चुनाव लड़ा, जिनमें से 15 ने इस सीमा को पार किया। इनमें युवा, बुजुर्ग, जानवरों, सार्वभौमिक बुनियादी आय और खेल से जुड़ी पार्टियों शामिल हैं।











