खंडवा हरसूद रोड पर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद
खंडवा के हरसूद रोड पर उस समय भारी राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव उत्पन्न हो गया जब नए जिला परिवहन अधिकारी (RTO) ने एक खनन व्यवसायी के डंपर का चालान बनाने का प्रयास किया। इस कार्रवाई का विरोध सत्तारूढ़ भाजपा के प्रभावशाली नेताओं ने किया और उन्होंने RTO पर प्रति ट्रक ₹2000 की अवैध वसूली का आरोप लगाया। जब अधिकारी ने इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश की, तो उनका गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने एफआईआर की धमकी दी, जिससे माहौल और भी गरम हो गया।
खनन कारोबारी और राजनीतिक हस्तियों के बीच टकराव
दरअसल, हरसूद रोड पर एक गिट्टी खदान के पास जब RTO ने दो डंपरों का वजन जांचने के लिए चालान बनाने का प्रयास किया, तो खनन व्यवसायी राकेश बंसल को इसकी जानकारी मिली। राकेश बंसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सहित कई संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर हैं और उनके संपर्क गहरे हैं। जैसे ही उनके फोन की खबर पहुंची, विधायक कंचन तनवे के पति मुकेश तनवे ने जब RTO से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया, तो अधिकारी ने इनकार कर दिया। इससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
आरोप-प्रत्यारोप और विवाद की गहराई
वाहन मालिकों का आरोप है कि RTO दीपक मांझी ने हर ट्रक से ₹2000 की अवैध वसूली का नया सिस्टम लागू किया है। खनन व्यवसायी राकेश बंसल ने बताया कि उनकी 40 गाड़ियों के लिए प्रति गाड़ी ₹2000 की मांग की गई, यानी कुल ₹80000 हर माह। पैसा न देने पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। वहीं, RTO दीपक मांझी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अवैध काम करने वाले ही इस तरह के आरोप लगाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चालान न बनाने देना शासकीय कार्य में बाधा है और इसके परिणाम भुगतने होंगे। विवाद बढ़ने पर RTO ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के नाम पर एफआईआर की धमकी भी दी, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।









