बिहार चुनाव का राजनीतिक माहौल और मुख्य चेहरे
बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया में अभी तक मुख्य तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई है, जबकि बाकी सभी बातें लगभग साफ हो चुकी हैं। चुनाव के परिणाम और जनता का फैसला क्या होगा, यह अभी अनिश्चित है। 14 नवंबर से पहले किसी को भी निश्चित रूप से नहीं पता था कि परिणाम क्या होंगे, और यह भी जरूरी है कि सभी राजनीतिक दल और मतदाता अपने आत्मविश्वास के साथ चुनावी माहौल का सामना करें।
इस चुनाव में दो प्रमुख चेहरे सामने हैं-नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव। हालांकि, भाजपा (BJP) ने अपने प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही मुख्य चेहरा बताया है। वहीं कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी का दावा भी राजनीतिक दावेदारी का ही हिस्सा है। जैसे कि पप्पू यादव कांग्रेस में न होते हुए भी बिहार में सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं, वैसे ही ये सब राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों का अभी तक स्पष्ट नहीं होना
नीतीश कुमार पहले से ही मुख्यमंत्री हैं, और विपक्ष से तेजस्वी यादव उनके चुनौती देने वाले नेता के रूप में उभरे हैं। चुनाव से पहले लंबे समय तक दोनों नेताओं ने अपने-अपने मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा नहीं की थी। हालांकि, अब स्थिति बदलती दिख रही है। भाजपा के राष्ट्रीय नेता अमित शाह ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार माना है, जबकि महागठबंधन में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया गया है।
राजनीतिक दलों का रुख और चुनावी रणनीति
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नेताओं का रवैया अलग रहा है। भाजपा के कई नेता नीतीश कुमार को एनडीए (NDA) का मुख्यमंत्री उम्मीदवार मानते हैं, जबकि कांग्रेस नेता तेजस्वी यादव का नाम टालते रहे हैं। 2020 की चुनावी रैली में नीतीश कुमार ने कहा था कि अंतिम निर्णय पार्टी के संसदीय बोर्ड का ही होता है। अब जब चुनाव नजदीक हैं, तो भाजपा के नेता भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने लगे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में अपनी रैलियों के दौरान नीतीश कुमार को समर्थन देते हुए उनके नेतृत्व की प्रशंसा की है। मोदी ने कहा कि बिहार में नीतीश बाबू के नेतृत्व में एनडीए (NDA) चुनाव जीतने के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। वहीं, अमित शाह ने भी विपक्षी महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए स्पष्ट किया कि बिहार में कोई भी खाली सीट नहीं है, और सभी को अपनी-अपनी जगह मिल चुकी है।
अमित शाह ने यह भी संकेत दिया कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला भाजपा का संसदीय बोर्ड ही करेगा। इसके साथ ही, बिहार में भाजपा के कई नेता जैसे राजनाथ सिंह और चिराग पासवान भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मान चुके हैं।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का समर्थन
राहुल गांधी ने भी बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार माना है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनेगी और उसमें सभी जातियों और धर्मों का समावेश होगा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि बिहार को फिर से विकास की पटरी पर लाने का काम किया जाएगा।
दरभंगा की रैली में राहुल गांधी ने सीधे तौर पर तेजस्वी यादव का नाम लिया और कहा कि वह ही अगला मुख्यमंत्री होंगे। वहीं, भाजपा नेता भी तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार दोनों को अपने-अपने पक्ष के मुख्यमंत्रियों के रूप में समर्थन दे चुके हैं।










