दिल्ली में क्लाउड सीडिंग ट्रायल की असफलता पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
दिल्ली में हाल ही में हुई क्लाउड सीडिंग ट्रायल असफल रहने के बाद राजनीति गरमाई हुई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि सर्दियों में इस तरह की मौसम परिवर्तन तकनीक संभव नहीं है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि विशेषज्ञों ने रसायनों के संभावित नुकसान की चेतावनी दी थी, लेकिन फिर भी ट्रायल को अंजाम दिया गया।
ऊंचाई वाले बादलों पर सीडिंग क्यों नहीं हो सकती?
मौसम विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचाई वाले बादलों पर क्लाउड सीडिंग की सीमाएं हैं। यदि यह तकनीक लागू भी की जाती है, तो बारिश की बूंदें वाष्पीकृत होकर सतह तक पहुंचने से पहले ही गायब हो जाती हैं। इस बात को विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि ऊंचाई वाले बादलों पर सीडिंग की तकनीक अभी तक पूरी तरह से प्रभावी नहीं है और इसके परिणामस्वरूप अपेक्षित बारिश नहीं हो पाती।
रसायनों का खतरा और सरकार की रणनीति
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि क्लाउड सीडिंग में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। दिल्ली के निवासियों के लिए यह चिंता का विषय है कि इन रसायनों का प्रयोग उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि सर्दियों में क्लाउड सीडिंग संभव नहीं है, तो फिर पूरे देश को धोखा क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के टैक्सपेयर्स के पैसे का उपयोग इस तरह के प्रचार और ड्रामे में किया जा रहा है, और भाजपा को अपने फंड का सही उपयोग करना चाहिए।









