सूरत के सिविल अस्पताल में अद्भुत चिकित्सा घटना
गुजरात के सूरत स्थित सिविल अस्पताल में एक असाधारण और चमत्कारिक घटना देखने को मिली है, जहां डॉक्टरों ने एक मरीज को मृत घोषित कर दिया था। मरीज का नाम राजेश पटेल है और वह अंकलेश्वर का निवासी है। जब उसकी ईसीजी रिपोर्ट में स्टेट लाइन दिखाई दी, तो चिकित्सकों ने उसे मृत मान लिया। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद, अस्पताल में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।
मृत घोषित करने के बाद भी जीवित होने का आश्चर्यजनक मामला
मृत घोषित किए जाने के लगभग 15 मिनट बाद, मरीज के शरीर में हल्की हलचल देखने को मिली और मॉनिटर पर अचानक उसकी हार्टबीट की लाइन फिर से चलने लगी। यह देखकर डॉक्टर तुरंत सक्रिय हो गए और मरीज को फिर से आईसीयू में शिफ्ट किया। टीम ने तत्परता से उपचार शुरू किया और धीरे-धीरे उसकी धड़कन सामान्य होने लगी।
डॉक्टरों का अनुभव और वर्तमान स्थिति
डॉ. उमेश चौधरी, जो अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं, ने बताया कि उनके 30 वर्षों के करियर में यह पहली बार हुआ है कि किसी मरीज को मृत घोषित करने के बाद वह स्वयं जीवित हो उठा। उन्होंने कहा कि हमने कई बार कार्डियक अरेस्ट के मरीजों को CPR किया है, लेकिन बिना किसी हस्तक्षेप के दिल का अपने आप धड़कना बहुत ही दुर्लभ और आश्चर्यजनक घटना है।
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, राजेश पटेल को गंभीर हार्ट फेल्योर और उच्च शुगर लेवल की समस्या थी। जब उन्हें मृत घोषित किया गया, तब उनके शरीर के सभी संकेत समाप्त हो चुके थे, न सांसें चल रही थीं और न ही दिल की धड़कन। फिर भी, 15 मिनट बाद उनका दिल फिर से धड़कने लगा, जिसे डॉक्टर ‘स्पॉन्टेनियस कार्डियक रिवाइवल’ कह रहे हैं।
वर्तमान में, राजेश पटेल को ICU में रखा गया है और डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन आने वाले दिनों में उनकी सेहत का हाल बहुत महत्वपूर्ण रहेगा।











