दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर और सरकारी नीतियों पर सवाल
दिल्ली की हवा फिर से जहरीली हो गई है, और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 से ऊपर पहुंच चुका है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र और राज्य सरकारों पर आरोप लगाते हुए पूछा है कि दिवाली के बाद वादा की गई कृत्रिम वर्षा क्यों नहीं हुई, जिससे प्रदूषण कम किया जा सके।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर निजी अस्पतालों के साथ सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति लगातार कम की जा रही है, जबकि निजी अस्पतालों को लाभ पहुंचाने के लिए सुविधाएं घटाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में टेस्टिंग सुविधाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे निजी स्वास्थ्य सेवाओं का वर्चस्व बढ़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण में सरकार की नाकामी और निजी अस्पतालों का वर्चस्व
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार का रुख स्पष्ट है कि वह सरकारी अस्पतालों को कमजोर कर निजी अस्पतालों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री लगातार नए निजी अस्पतालों का उद्घाटन कर रही हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण तेज हो रहा है। इस स्थिति में आम जनता को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, और निजी अस्पतालों का लाभ बढ़ रहा है।
वहीं, भाजपा सरकार ने दिवाली के बाद कृत्रिम वर्षा कर प्रदूषण को नियंत्रित करने का वादा किया था, लेकिन वह वादा भी पूरा नहीं हुआ। सवाल उठता है कि क्या सरकार का उद्देश्य जनता को बीमार बनाना है ताकि निजी अस्पतालों को अधिक फायदा हो।
पटाखों और फायर क्रैकर्स से प्रदूषण का कारण
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में प्रदूषण के पीछे पटाखों और फायर क्रैकर्स को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस क्षेत्र में एक बड़ी लॉबी सक्रिय है, जिसने करोड़ों रुपये का लाभ कमाया है। उन्होंने सवाल किया कि कैसे ग्रीन क्रैकर्स के अलावा भी पटाखे बिक रहे हैं, और इन पटाखों की बिक्री में सरकार का समर्थन क्यों मिल रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अरबों रुपये के पटाखे बनाने वाली लॉबी ने सरकार पर दबाव बनाया है ताकि ये पटाखे बाजार में बिकते रहें। यदि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि इसमें सांठगांठ की भूमिका है, जो प्रदूषण को और बढ़ावा दे रहा है।











