बिहार विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया समाप्त, चुनावी तस्वीर स्पष्ट
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है, जिससे चुनावी मैदान में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या स्पष्ट हो गई है। पहले चरण की 121 सीटों पर कुल 1314 उम्मीदवार अब चुनावी मुकाबले में हैं। इस चरण में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या और उनकी किस्मत का फैसला 6 नवंबर को होगा।
चुनावी प्रक्रिया और उम्मीदवारों का विवरण
बिहार के 18 जिलों में फैली इन 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 122 सीटों पर 11 नवंबर को वोटिंग होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर थी, जिसमें पहले चरण के लिए 1690 उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया था। इनमें से 315 उम्मीदवारों के नामांकन को अवैध घोषित कर उनके पर्चे खारिज कर दिए गए। साथ ही 61 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। इस तरह, अब कुल 1314 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला मतदान के दिन होगा।
प्रमुख सीटों और उम्मीदवारों का विश्लेषण
पहले चरण में मुजफ्फरपुर और कुढ़नी सीटें सबसे अधिक उम्मीदवारों के साथ चर्चा में हैं, जहां 20-20 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, भोरे, अलौली और परबत्ता सीटों पर केवल 5-5 उम्मीदवार ही मैदान में हैं। पटना जिले की 14 सीटों पर कुल 149 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से 9 ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं। पटना की पालीगंज सीट पर सबसे अधिक 14 उम्मीदवार चुनावी जंग में हैं।
बिहार चुनाव की पहली फेज में मुकाबला मुख्य रूप से महागठबंधन और एनडीए के बीच है। पिछली बार के परिणामों के अनुसार महागठबंधन ने 61 सीटें जीती थीं, जबकि एनडीए को 59 सीटें मिली थीं। इस बार की स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां आरजेडी ने सबसे अधिक सीटें जीतने का दावा किया है। आरजेडी ने 71 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि जेडीयू ने 75 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं। बीजेपी ने 48 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, और एलजेपी ने 14 सीटों पर चुनाव लड़ा है।
पहले चरण में महागठबंधन और एनडीए के बीच कई सीटों पर सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। इनमें वैशाली, लालगंज, तारापुर, राजापाकर, रोसड़ा और बिहारशरीफ जैसी सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर मुख्य मुकाबला आरजेडी बनाम कांग्रेस, आरजेडी बनाम वीआईपी और कांग्रेस बनाम सीपीआई के बीच है। साथ ही, 23 सीटों पर आरजेडी और जेडीयू के बीच सीधी टक्कर हो रही है। इस चुनावी मुकाबले में तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा जैसे बड़े नेताओं की किस्मत भी दांव पर लगी है।










