गुजरात की अहमदाबाद में चांदी और आभूषण चोरी का खुलासा
गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद के पालड़ी क्षेत्र में स्थित श्री लक्ष्मी वर्धक जैन संघ- जैन देरासर से करीब 1 करोड़ 64 लाख रुपये मूल्य की चांदी की आंगी और आभूषण चोरी होने का मामला प्रकाश में आया है। इस जघन्य चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए क्राइम ब्रांच और पालड़ी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मंदिर का पुजारी भी शामिल है, और चोरी का बड़ा हिस्सा भी बरामद कर लिया गया है।
चोरी की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई
13 अक्टूबर को जैन देरासर के सेक्रेटरी ने पालड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि मंदिर से भगवान शीतलनाथ और वासुपूज्य स्वामी भगवान को चढ़ाई जाने वाली चांदी की आंगी और आभूषण चोरी हो गए हैं। चोरी की गई चांदी का कुल वजन 117 किलो 336 ग्राम था, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 64 लाख 11 हजार रुपये बताई गई। प्रारंभिक जांच में, पुलिस ने देरासर में सफाई का काम करने वाली महिला हेतलबेन को हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि इस चोरी में उसकी पत्नी किरणभाई, मंदिर के पुजारी मेहुल राठौड़ और दो चांदी व्यापारी संजय और रौनक भी शामिल थे। मामला गंभीर होने पर इसे अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।
साजिश का पर्दाफाश और आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर महेंद्र सालुंके ने बताया कि पुजारी मेहुल राठौड़ पिछले 15 वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहा था। उसे मंदिर के बेसमेंट में बने लॉकर रूम की चाबी दी गई थी, जिसमें चांदी की आंगी और आभूषण रखे जाते थे। यह कीमती वस्तुएं साल 2023 से उसी लॉकर में सुरक्षित थीं। मेहुल ने सफाईकर्मी दंपति को लालच देकर अपने साथ मिला लिया। 9 अक्टूबर की रात, उसने चोरी के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए और देरासर के बेसमेंट से चांदी की आंगी और आभूषण निकाल लिए। इसके बाद उसने कैमरे फिर चालू कर दिए ताकि शक न हो।
चोरी के बाद, मेहुल ने चोरी का माल बेचने के लिए दो चांदी व्यापारी संजय और रौनक से संपर्क किया। दोनों ने चोरी की चांदी खरीदकर नकद भुगतान किया। पुलिस के अनुसार, इस रकम से मेहुल ने नई चांदी खरीदने की योजना बनाई ताकि चोरी का पता न चले।
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 48 किलो चांदी, 79 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और एक बोलेरो पिकअप वाहन भी बरामद किया गया है। इन वस्तुओं की कुल कीमत लगभग 72.87 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अब शेष चोरी के माल की बरामदगी और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी है।











