अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का युद्ध सुलझाने का इरादा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें युद्ध समाप्त करना पसंद है, खासकर जब बात पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की हो। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि काबुल पर हमला पाकिस्तान ने ही किया था। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यदि वे इन दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त कर देते हैं, तो यह उनका नौवां युद्ध होगा जिसे वह सुलझाएंगे।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले ही आठ युद्धों का समाधान किया है। उन्होंने रवांडा, कांगो, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी संघर्षों को उन्होंने ही खत्म किया है। उन्होंने यह भी कहा कि हर बार जब उन्होंने युद्ध सुलझाया, तो उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना था कि उन्हें सबसे ज्यादा अपने देश की सुरक्षा और लोगों की जान बचाने की चिंता है।
युद्ध सुलझाने की उनकी क्षमता और प्राथमिकताएँ
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने करोड़ों जानें बचाई हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाने का मौका मिला, तो यह उनके लिए आसान होगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले उन्हें अपने देश का नेतृत्व करना है। ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्हें युद्ध समाप्त करना अच्छा लगता है क्योंकि इससे लोगों की जानें बचती हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि उन्होंने लाखों जानें बचाई हैं। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया था या नहीं, यह बात अलग है, लेकिन यदि उन्हें इन संघर्षों को हल करना पड़े, तो वह इसे आसानी से कर सकते हैं। उनका मानना है कि युद्ध से बचाव ही सबसे बेहतर विकल्प है, क्योंकि इससे लाखों लोगों की जानें बचती हैं।
पाकिस्तान-आफगानिस्तान के बीच तनाव और सैन्य संघर्ष
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच चुका है। पाकिस्तान ने काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर हवाई हमला किया, जिस पर अफगानिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने डूरंड रेखा पर कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया, जिसमें कई सैनिक मारे गए।
इसके बाद पाकिस्तान ने 48 घंटे का युद्धविराम का आह्वान किया, लेकिन यह अवधि समाप्त होते ही पाकिस्तान ने फिर से अफगानिस्तान पर हमला किया। इस हमले में तीन अफगान क्रिकेटर सहित आठ लोग मारे गए। इस घटना के कारण अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को पाकिस्तान के साथ त्रिकोणीय श्रृंखला रद्द करनी पड़ी, जिसमें श्रीलंका भी शामिल था।











