संजय सिंह का आरोप: राम मंदिर और अयोध्या परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह और अयोध्या के सुंदरीकरण से जुड़ी कई योजनाओं में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह न केवल जनता के धन का दुरुपयोग है, बल्कि प्रभु श्रीराम और गौ माता के नाम पर किया गया एक बड़ा पाप है। संजय सिंह ने योगी सरकार से इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आरोपों का आधार: ऑडिट रिपोर्ट और योजनाओं में अनियमितता
सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि IIT बीएचयू (Banaras Hindu University) के छात्रों द्वारा कराई गई ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 22 चौराहों पर लाइट सज्जा का कार्य होना था, लेकिन केवल 19 चौराहे ही मिले। तीन चौराहों का पता ही नहीं चला, जिन पर पहले ही 46 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था। इसके अलावा, CCTV कैमरा योजना (4.24 करोड़), हेल्थ एटीएम योजना (1.46 करोड़), और वॉक्यू इल्यूजन (3.95 करोड़) जैसी कई योजनाओं का भी कोई पता नहीं चल पाया है। संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि रामपथ की 28 किलोमीटर सड़क की सफाई का भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक सफाई केवल 3 से 4 किलोमीटर की ही हुई।
भ्रष्टाचार के आरोप और सरकार से जांच की मांग
संजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने खुद को प्रभु श्रीराम का भक्त बताया, लेकिन उनके नाम पर ही घोटाले किए गए। उन्होंने भाजपा समर्थकों से अपील की कि वे इस भ्रष्टाचार को गंभीरता से लें। सांसद ने आगे कहा कि राम मंदिर और अयोध्या के सुंदरीकरण के नाम पर हुआ यह भ्रष्टाचार जनता की आस्था पर सबसे बड़ा हमला है। उन्होंने योगी सरकार से इन घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। प्रेस वार्ता के दौरान, संजय सिंह ने उन अधिकारियों के नाम भी उजागर किए, जिनके कार्यकाल में ये गड़बड़ियां हुईं।











