ग्वालियर में विवादास्पद बयान के बाद आंदोलन स्थगित
ग्वालियर शहर में एडवोकेट अनिल मिश्रा के बाबा साहेब अंबेडकर पर दिए गए विवादित बयान के कारण 15 अक्टूबर को बुलाए गए बड़े आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन की सक्रियता और संगठनों के साथ हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके बावजूद, त्योहारों के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस का निर्णय और सुरक्षा व्यवस्था
ग्वालियर SSP धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि आंदोलन का आह्वान करने वाले समूह ने लिखित में पुलिस को ज्ञापन सौंपकर अपने प्रदर्शन को वापस ले लिया है। सोशल मीडिया पर 15 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान करने वालों से भी पुलिस ने चर्चा की। साथ ही, चेतावनी दी गई कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विवाद का कारण और सोशल मीडिया पर तनाव
विवाद की जड़ में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा का एक बयान था, जिसमें उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर पर गलत टिप्पणी की और सर बी.एन. राव को असली संविधान निर्माता बताया। इस बयान के बाद आंबेडकर समर्थकों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस और चेतावनी भरे मैसेज वायरल हुए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने तुरंत ही कार्रवाई करते हुए भड़काऊ बयान देने के आरोप में मामला दर्ज किया।










