भोपाल बाइपास का हिस्सा धंसने का मामला
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार दोपहर को एक बड़ा हादसा टल गया, जब भोपाल बाइपास का लगभग 100 मीटर लंबा खंड अचानक धंस गया। इस घटना के कारण सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया, लेकिन सौभाग्य से उस समय ट्रैफिक कम था, जिससे किसी भी तरह की जानमाल की हानि नहीं हुई।
सड़क धंसने का कारण और तत्काल कार्रवाई
यह घटना सुखीसेवनिया क्षेत्र में बिलखिरिया से ईंटखेड़ी की ओर जाने वाली सड़क पर हुई, जो कल्याणपुर रेलवे ब्रिज से पहले का हिस्सा है। यह बाइपास रोड नर्मदापुरम (पूर्व में होशंगाबाद), रायसेन और सागर जैसे शहरों को इंदौर से जोड़ने का महत्वपूर्ण मार्ग है। जब सड़क धंसने का पता चला, तो तुरंत ही प्रशासन ने क्षेत्र को बैरिकेड कर सुरक्षा सुनिश्चित की।
मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई
मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) ने इस घटना के तुरंत बाद जांच के आदेश दिए हैं। एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक भरत यादव ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें चीफ इंजीनियर बीएस मीणा, जीएम मनोज गुप्ता और जीएम आरएस चंदेल शामिल हैं। इस टीम का काम है कि रियल वॉल के धंसने के कारणों का तकनीकी विश्लेषण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
सड़क का निर्माण और भविष्य की योजना
यह सड़क 2013 में हैदराबाद की कंपनी ट्रॉन्सट्राय प्रा. लि. द्वारा बीओटी (BOT) मॉडल के तहत बनाई गई थी। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन होने के कारण 2020 में कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया। अब जांच टीम यह पता लगाएगी कि धंसने का कारण तकनीकी खामियों या लापरवाही से जुड़ा है या नहीं। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










