गाजा में संघर्ष विराम और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में दो वर्षों से जारी विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए संघर्ष विराम समझौते की प्रशंसा की है। उन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण को मध्य पूर्व में नई शुरुआत का प्रतीक बताया। ट्रंप ने कहा कि इस संघर्ष विराम के माध्यम से बचे हुए 20 इज़राइली बंधकों की रिहाई क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यरुशलम में नेसेट सदस्यों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि बंधक वापस लौट आए हैं, और यह पल बहुत खास है। ट्रंप ने आगे कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह वह क्षण होगा जब सब कुछ बदलने लगा, और बेहतर भविष्य की शुरुआत हुई।
फिलिस्तीनियों की रिहाई और मिस्र भेजे गए कैदी
मिस्र के एक अधिकारी ने बताया कि इज़राइल ने 154 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा कर उन्हें मिस्र भेज दिया है। ये कैदी उन 1900 से अधिक फिलिस्तीनियों में शामिल हैं, जिन्हें इज़राइल ने हमास के साथ हुए समझौते के तहत रिहा किया है। अधिकारी ने कहा कि इन कैदियों को युद्धविराम समझौते के तहत तीसरे देशों में भेजा जाना था। इस जानकारी को मीडिया से साझा करने की अनुमति नहीं थी, इसलिए उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की। वहीं, रिहाई के बाद कई फिलिस्तीनी गाजा पहुंच गए हैं।
ट्रंप का संदेश और मध्य पूर्व में शांति का प्रयास
डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइली संसद को संबोधित करते हुए गाजा में हाल ही में हुए युद्धविराम की सराहना की और फिलिस्तीनियों से आतंकवाद और हिंसा से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए हिंसा के रास्ते को छोड़ने का एक अवसर है। साथ ही, ट्रंप ने इज़राइली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से नेतन्याहू को माफ करने का भी अनुरोध किया, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। ट्रंप ने रूस, चीन और ईरान को संदेश देते हुए कहा कि इन देशों को हथियार बनाने के बजाय शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए। उनका मानना है कि मध्य पूर्व के देशों को दुश्मनी छोड़कर मिलकर विकास के रास्ते पर चलना चाहिए, ताकि सभी को लाभ हो।











