बिहार विधानसभा चुनाव का सीट बंटवारा और राजनीतिक समीकरण
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी सीटों का निर्धारण कर लिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) ने मिलकर 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इसके साथ ही चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP R) ने 29 सीटें, जीतनराम मांझी की पार्टी ने 6 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने भी 6 सीटें अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। यह सीट बंटवारा कई दिनों की बातचीत और समझौते के बाद तय हुआ है, जिसमें केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संबंधित दलों के बीच सीटों का फॉर्मूला तय
सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनडीए (NDA) के सभी सहयोगी दलों ने इस प्रक्रिया को सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। बिहार में एक और एनडीए सरकार बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस चुनाव में जीत का समीकरण मजबूत करने के लिए सभी दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं।
मांझी को मिली छह सीटें और उनकी प्रतिक्रिया
जितनराम मांझी ने पहले ही अपने समर्थन का संकेत देते हुए कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे। हालांकि, सीटों के ऐलान के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि वह भाजपा नेतृत्व के फैसले को मानेंगे, लेकिन साथ ही यह भी जताया कि उनकी पार्टी को कम आंका गया है, जिससे एनडीए के समीकरण पर असर पड़ सकता है। मांझी को इस बार छह सीटें मिली हैं, जबकि पहले उनकी मांग 15 सीटों की थी।
बिहार में विपक्षी महागठबंधन की रणनीति
वहीं, बिहार में विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) अगले कुछ दिनों में सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे सकता है। सूत्रों के अनुसार, आरजेडी (RJD) और कांग्रेस के बीच बातचीत जारी है, और इस सप्ताह के अंत तक उम्मीदवारों की घोषणा हो सकती है। दोनों पार्टियों के नेता दिल्ली में बैठक कर अंतिम निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं। जयराम रमेश ने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में सभी सीटों का फाइनल फैसला हो जाएगा। पिछली बार के चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटें लड़ी थीं और 19 पर जीत हासिल की थी, जबकि आरजेडी ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 75 सीटें जीती थीं।
पिछले चुनाव का विश्लेषण और आगामी चुनाव की तैयारी
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू ने 115 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने 110 सीटें हासिल की थीं। उस समय मांझी की HAM ने 7 और मुकेश सहनी की VIP ने 11 सीटें लड़ी थीं। उस चुनाव में एनडीए (NDA) ने कुल 125 सीटें जीती थीं, जबकि महागठबंधन ने 110 सीटें प्राप्त की थीं। अब पहली बार ऐसा होगा कि जदयू और भाजपा 20 साल बाद बराबर सीटों पर मुकाबला करेंगे। नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) ने 2005 में आरजेडी के नेतृत्व वाली सरकार को समाप्त कर सत्ता संभाली थी। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होगा, और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।









