बिहार विधानसभा चुनाव का सीट बंटवारा फार्मूला जारी
सत्तारूढ़ एनडीए ने कई दिनों की गहन चर्चा के बाद बिहार विधानसभा के 243 सीटों के लिए सीट साझा करने का नया फार्मूला प्रस्तुत किया है। यह घोषणा होते ही राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम एक भावुक संदेश सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
उपेन्द्र कुशवाहा का भावुक संदेश और पार्टी की स्थिति
अपनी पोस्ट में कुशवाहा ने कहा, “मुझे खेद है कि आपकी अपेक्षानुसार सीटें नहीं मिल सकीं। मैं समझता हूं कि इस निर्णय से मेरी पार्टी के उम्मीदवार बनने की इच्छा रखने वाले साथी और लाखों समर्थक निराश होंगे। आज कई घरों में भोजन का इंतजाम भी नहीं हो पाया होगा। फिर भी, आप सभी मेरी और पार्टी की मजबूरी को समझ रहे होंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा भी हो सकता है, यह स्वाभाविक है। मैं आपसे विनम्र निवेदन करता हूं कि आप अपने गुस्से को शांत करें। समय के साथ आप समझेंगे कि यह फैसला कितना उचित या अनुचित है। आने वाला समय ही सच्चाई बताएगा।”
किसे मिलीं कौन सी सीटें? जानिए पूरी जानकारी
सूत्रों के अनुसार, उपेन्द्र कुशवाहा को जिन छह सीटों पर मौका मिला है, उनमें उजियारपुर, मधुबनी, सासाराम, दिनारा, महुआ और बाजपट्टी शामिल हैं। इन सीटों का आधिकारिक ऐलान सोमवार को किया जाएगा। वहीं, मांझी को भी छह सीटें मिली हैं, जिनमें टेकारी, कुटुंबा, अतरी, इमामगंज, सिकंदरा और बराचट्टी सीटें शामिल हैं।
इसके अलावा, चिराग पासवान ने अपनी पसंदीदा तीन सीटें हासिल की हैं। इनमें हिसुआ, गोविंदगंज और ब्रह्मपुर सीटें शामिल हैं, जिन पर सबसे अधिक चर्चा हो रही थी।
2020 के चुनाव परिणाम और वर्तमान स्थिति
2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू ने 115 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने 110 सीटें हासिल की थीं। उस समय मांझी की HAM ने 7 और मुकेश सहनी की VIP ने 11 सीटें जीती थीं। उस चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने अपने मतभेदों के कारण स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था। उस समय एनडीए ने कुल 125 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं।
बिहार में आगामी चुनाव दो चरणों में होने जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है, जिसके कारण राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर रहे हैं।










