दिल्ली में अभिजीत दिपके को मिली सशर्त जमानत
दिल्ली की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके को शर्तों के साथ जमानत प्रदान की है। अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये का शांति बनाए रखने का पीस बॉन्ड भरने का आदेश दिया है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, उन्हें तुरंत रिहा कर दिया जाएगा।
इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि अभिजीत दिपके को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा। रिहाई के लिए उन्हें पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने होंगे, और कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि वे शांति भंग करने से बचेंगे और बॉन्ड की शर्तों का पालन करेंगे।
अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी
शुक्रवार को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले ही अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी एहतियाती कदम के तहत हिरासत में लिया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस ने दिपके को उनके दिल्ली स्थित आवास से हिरासत में लिया था।
शनिवार को अभिजीत दिपके को सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया। उनके वकील के अनुसार, कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी है, और पीस बॉन्ड की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई संभव होगी।
धारा 163 के तहत की गई कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में अभिजीत दिपके के खिलाफ एहतियाती कदम उठाए। आरोप है कि उन्हें ऐसी जगह ले जाया गया, जहां की जानकारी तुरंत नहीं दी गई और वकीलों से संपर्क का भी प्रावधान नहीं था।
पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में विरोध प्रदर्शन के दौरान कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को बार-बार इकट्ठा न होने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद भीड़ जमा हो गई। उन्होंने कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।










