बुंदेलखंड में सनातन हिंदू एकता यात्रा का समापन
बागेश्वर धाम में आयोजित 500 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता यात्रा का सफल समापन हुआ। यह यात्रा बुंदेलखंड के पांच जिलों से होकर गुजरी, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और जागरूकता फैलाना था। इस यात्रा का आयोजन धार्मिक और सामाजिक दोनों ही उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए किया गया था।
महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति का संदेश
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना था। उन्होंने कहा कि हमारी बहन-बेटियों को बुर्के में छिपने की बजाय दुर्गा और काली जैसी शक्तिशाली बनना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं IPS और IAS अधिकारी बन सकती हैं। यात्रा के दौरान समाज को नशामुक्त बनाने और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
हिंदू समुदाय को एकजुट करने और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान
शास्त्री ने बताया कि इस यात्रा का तीसरा उद्देश्य हिंदू समुदाय को एकजुट करना और बुंदेलखंड को नशामुक्त बनाना था। उन्होंने कहा कि सबसे पहले अपने घर और क्षेत्र में जागरूकता फैलाना जरूरी है, तभी देशव्यापी बदलाव संभव है। यात्रा के अंत में उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और सामाजिक मुद्दों जैसे महिला सशक्तिकरण, हिंदू एकता और नशामुक्ति पर जोर दिया। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बना।









