सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन पर बढ़ता विवाद
नई दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विवाद गहरा होता जा रहा है। एक ओर, कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस, धरना और नारेबाजी पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर आगामी गुरुवार को सुनवाई तय है। वहीं दूसरी ओर, डॉ. आंबेडकर सोसायटी फॉर थॉट्स, एक्शंस एंड कॉन्शसनेस (दस्तक संगठन) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुला पत्र लिखकर इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने राहुल गांधी से देश की जनता, न्यायपालिका और डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक माफी की भी मांग की है।
दस्तक संगठन का राहुल गांधी को पत्र और राजनीतिक विरोध पर चिंता
13 अक्टूबर 2026 को जारी इस पत्र में संगठन ने आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर को राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं ने निर्वाचन आयोग (EC) और SIR से जुड़े मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों का कोर्ट परिसर में पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था और कोर्ट की गरिमा को प्रभावित कर रहा है। संगठन का मानना है कि राजनीतिक विरोध के दौरान न्यायालय की मर्यादा का सम्मान जरूरी है, और इसे संविधान की भावना के खिलाफ माना गया है।
संगठन ने अपने पत्र में राहुल गांधी पर EC और CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया है। इसमें वोट चोरी और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के विरोध में उठाए गए कदमों पर सवाल खड़े किए गए हैं। संगठन का तर्क है कि इन कदमों से संवैधानिक संस्थाओं का भरोसा कमजोर हो सकता है। साथ ही, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं की मुलाकात, राहुल गांधी के विदेश में दिए गए बयानों और विरोध प्रदर्शनों का भी संगठन ने उल्लेख किया है, और इन घटनाओं पर राहुल गांधी से स्पष्टीकरण और सार्वजनिक माफी की मांग की है।
राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका और आगामी सुनवाई
इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट और सभी हाई कोर्ट परिसरों में राजनीतिक प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी। यह याचिका राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के निर्वाचन आयोग (EC) और SIR से जुड़े विरोध मार्च के बाद दायर की गई है। याचिका में कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस, धरना, नारेबाजी और झंडे-बैनर दिखाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही, राजनीतिक गतिविधियों के कारण न्यायिक कार्यवाही में बाधा डालने वाले नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की भी मांग की गई है।
इस मामले में बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने चीफ जस्टिस के समक्ष विशेष अपील की है कि इस याचिका पर जल्द सुनवाई हो। अदालत का निर्णय इस बात पर महत्वपूर्ण होगा कि क्या कोर्ट परिसर में राजनीतिक गतिविधियों पर व्यापक रोक लगाई जाएगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा बनी रहे।









