मध्य प्रदेश के सागर जिले में वन भूमि पर अवैध जुताई का मामला
मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर हमला करने का मामला प्रकाश में आया है, जब वह वन भूमि पर अवैध जुताई रोकने पहुंची थी। निवाही गांव में हुई इस घटना के दौरान डिप्टी रेंजर शैलेंद्र कुमार तिवारी और वनपाल नारायण सिंह पलिया गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और एक ट्रैक्टर का पिछला पहिया एक व्यक्ति के ऊपर से गुजर गया। पुलिस ने इस घटना के संदर्भ में तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
वन विभाग की टीम पर हमला और विवाद की जड़ें
मध्य प्रदेश के सागर जिले में वन भूमि पर कब्जा रोकने के लिए पहुंची सरकारी टीम को हिंसक विरोध का सामना करना पड़ा, जिसने वनकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहगढ़ के निवाही गांव में रात के समय ट्रैक्टर से जमीन की जुताई की सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उनका उद्देश्य अवैध अतिक्रमण को रोकना और ट्रैक्टर को जब्त करना था, लेकिन इसी दौरान विवाद भड़क गया। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने वनकर्मियों को घेरकर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें लोगों की चीख-पुकार और ट्रैक्टर के तेजी से आगे बढ़ने का दृश्य देखा जा सकता है।
घटना का विस्तृत विवरण और पुलिस कार्रवाई
सूचना मिलने पर डिप्टी रेंजर शैलेंद्र कुमार तिवारी के नेतृत्व में आठ से दस वनकर्मी मौके पर पहुंचे। उनका मकसद अवैध जुताई को रोकना और ट्रैक्टर को जब्त करना था। जैसे ही वे कार्रवाई कर रहे थे, वहां मौजूद कुछ लोगों ने अचानक लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में डिप्टी रेंजर को गंभीर चोटें आईं, जबकि वनपाल नारायण सिंह भी घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद सागर जिला अस्पताल भेजा गया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि अफरा-तफरी के बीच एक घायल व्यक्ति मदद की गुहार कर रहा है, और ट्रैक्टर का पिछला पहिया एक व्यक्ति के ऊपर से गुजरता नजर आ रहा है। पुलिस ने इस घटना के बाद शाहगढ़ थाने में हरिराम यादव, अमित यादव और हरेन्द्र यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है, और ट्रैक्टर व चालक का पता लगाने के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।











