JNU में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर राजनीतिक विवाद तेज
राष्ट्रीय राजधानी की जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे आरोपों के कारण भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है। भाजपा की महिला सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और आरोपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुका है।
राष्ट्रपति से मिलकर सांसदों ने की कार्रवाई की अपील
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी ने बताया कि 15 महिला सांसदों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला है। इस बैठक में सांसदों ने आरोपित सांसद अकोइजम के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अकोइजम, जो पहले JNU में प्रोफेसर भी रह चुके हैं, उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं। सांसदों ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष लाया जाए और जांच के लिए इसे नैतिकता समिति (एथिक्स कमेटी) को भेजा जाए।
संसदीय मर्यादा और छात्राओं की सुरक्षा पर जोर
सांसदों ने यह भी कहा कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक अकोइजम को संसदीय कार्यवाही से तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए। साथ ही, शिकायतकर्ता 11 छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है ताकि उनके शैक्षिक और शोध कार्य प्रभावित न हों। बांसुरी स्वराज (Delhi MP) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्राओं की शिकायतों, जांच के तथ्यों और उनकी सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात की गई। उन्होंने कहा कि न्याय लोकतंत्र की आत्मा है और महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा समाज की बुनियादी जरूरतें हैं।










