कनॉट प्लेस में प्रदर्शन का व्यापार पर प्रभाव
दिल्ली के प्रसिद्ध बाजार कनॉट प्लेस में हाल ही में हुए प्रदर्शन और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण व्यापारिक गतिविधियों में भारी गिरावट देखने को मिली है। इन पाबंदियों के चलते यहाँ के दुकानदारों को उम्मीद से कम ग्राहक मिल रहे हैं, जिससे उनकी बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ा है। खासतौर पर दिवाली जैसे त्योहार के समय में जब व्यापार की उम्मीदें ऊंची होती हैं, तब इन असामान्य परिस्थितियों ने कारोबार को प्रभावित किया है।
दुकानदारों और व्यापारियों की बढ़ती चिंता
कनॉट प्लेस के ई ब्लॉक में स्थित गिफ्ट शॉप के मालिक गौरवजीत कोचर ने बताया कि पिछले सप्ताहांत दुकान बंद करनी पड़ी और सोमवार को भी ग्राहक नहीं आए। उनका कहना है कि लोगों को डर था कि प्रदर्शन के कारण रास्ते जाम हो सकते हैं या वे फंस सकते हैं। इस कारण से लोग बाजार आने से हिचकिचा रहे थे। कोचर का कहना है कि इन तीन दिनों में उनकी बिक्री बिल्कुल नहीं हुई, जबकि खर्चे जैसे किराया, कर्मचारियों की सैलरी और बिजली के बिल लगातार बढ़ रहे हैं। दिवाली के इस महत्वपूर्ण समय में भी कारोबार में गिरावट ने उन्हें चिंतित कर दिया है।
व्यापारियों की स्थिति और ग्राहक कम होने का असर
कनॉट प्लेस के कुछ दुकानदारों का कहना है कि कारोबार सामान्य रहा, जबकि कुछ जगहों पर ग्राहक संख्या में भारी कमी देखी गई। सड़क किनारे सामान बेचने वाले विक्रेताओं को भी डर था कि नगर निगम या पुलिस उनके सामान जब्त कर सकती है, हालांकि अभी तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मिठाई की दुकान के दुकानदार ने बताया कि सोमवार को उनके पास बहुत कम ग्राहक आए, जिससे उनका सामान भी बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। इस तरह की स्थिति में न केवल बिक्री प्रभावित हुई है, बल्कि सामान भी खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
कैब ड्राइवर सुधीश कुमार यादव ने बताया कि पहले उन्हें हर 10-15 मिनट में एक सवारी मिल जाती थी, लेकिन अब उन्हें एक घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ता है। उनकी रोजाना की कमाई पहले करीब 1000 रुपये थी, जो अब घटकर 400-500 रुपये रह गई है। इन पाबंदियों के कारण न केवल व्यापार में गिरावट आई है, बल्कि रोजी-रोटी का संकट भी गहरा हो गया है।










