मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण का ऐतिहासिक कदम
मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में हाल ही में लाए गए दो चीते अब अपनी नई पहचान पा चुके हैं। इन दोनों नए मेहमानों का नामकरण मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया है। नर चीते का नाम व्योम रखा गया है, जिसका अर्थ आकाश है, जबकि मादा चीते का नाम नीरा है, जिसका मतलब जल है। यह कदम प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के प्रति नई उम्मीद जगा रहा है।
चीता को सुरक्षित वातावरण में छोड़ा गया
मुख्यमंत्री ने अपने उपस्थित में इन दोनों चीते को उनके प्राकृतिक आवास के लिए बनाए गए सुरक्षित बाड़े में छोड़ा। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के ‘चीता मित्रों’ और ‘बाघिन दीदी’ से संवाद किया और स्थानीय समुदाय की भागीदारी की सराहना की। यह प्रयास क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के महत्व को दर्शाता है, जहां करीब 110 से 160 साल पहले आखिरी बार चीते देखे गए थे।
प्रोजेक्ट चीता से बढ़ी मध्य प्रदेश में चीते की संख्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और समर्थन से शुरू हुए ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत अब मध्य प्रदेश में चीते की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। यह पहल दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से शुरू हुई थी, और अब प्रदेश में यह संख्या लगातार बढ़ रही है। नौरादेही टाइगर रिजर्व देश का ऐसा पहला क्षेत्र बन गया है, जहां टाइगर और चीता दोनों का सह-अस्तित्व देखने को मिलेगा।











