मध्य प्रदेश में कृष्णमृग और नीलगायों का स्थानांतरण अभियान शुरू
मध्य प्रदेश के शाजापुर और शुजालपुर क्षेत्रों में लंबे समय से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कृष्णमृग और नीलगायों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस अभियान के पहले ही दिन हन्नूखेड़ी और पोलायकलां के खेतों से सौ कृष्णमृगों को सुरक्षित रूप से पकड़कर, उनमें से 97 को कूनो (Kuno) नेशनल पार्क भेजा गया। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य इन वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास से दूर कर फसलों को बचाना है। कुल मिलाकर 2000 कृष्णमृगों को स्थानांतरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
विशेष उपकरणों और टीम की मदद से वन्यजीवों का सुरक्षित स्थानांतरण
इस प्रक्रिया के दौरान हेलीकॉप्टर की मदद से हिरणों को बोमा (special fabric) नामक विशेष कपड़े में सुरक्षित बाड़े की ओर पहुंचाया गया। फिर उन्हें सावधानीपूर्वक स्पेशल वाहनों में बैठाकर कूनो नेशनल पार्क भेजा गया। क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इस स्थानांतरण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और वाहनों को हरी झंडी दिखाकर कूनो के लिए रवाना किया। हालांकि, तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद विशेषज्ञों की सलाह पर रेस्क्यू अभियान को रोक दिया गया। डॉ. किरण बिसेन के अनुसार, यह अभियान 11 अक्टूबर को फिर से शुरू किया जाएगा।
सुरक्षा और सहयोग के साथ वन्यजीव संरक्षण का प्रयास
इस उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय अभियान में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशंस’ (Conservation Solutions) की 14 विशेषज्ञ टीम शामिल हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के मालवा अंचल और भोपाल समेत विभिन्न जिलों से वन्यजीव चिकित्सक, वन अधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक कर्मी मिलकर लगभग 200 कर्मचारियों की संयुक्त टीम के साथ इस प्रक्रिया को सफल बना रही है। पिछली बार के अनुभवों के आधार पर इस बार की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
अभियान के दौरान हन्नूखेड़ी और आसपास के ग्रामीणों ने अनुकरणीय सहयोग दिखाया। उन्होंने खेतों में प्रवेश नहीं किया और अपने पालतू कुत्तों को बांधकर रखा। वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान खेतों से दूर रहें, अनावश्यक भीड़ से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि किसानों की फसलें सुरक्षित रहें और वन्यजीव भी सुरक्षित रह सकें।









