दिल्ली में वोट चोरी के आरोपों पर विरोध प्रदर्शन का असर
वोट चोरी के आरोपों को लेकर शुरू हुआ विरोध अब राजधानी दिल्ली की सड़कों से लेकर मेट्रो तक फैल चुका है। आगामी 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की योजना बनाई है। इससे शहर में आम जनता के दैनिक आवागमन पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
दिल्ली मेट्रो में सुरक्षा बढ़ाने के कदम और प्रभावित स्टेशन
दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। रेड लाइन पर नौ, येलो लाइन पर बीस, ब्लू लाइन पर आठ, वायलेट लाइन पर सात, पिंक लाइन पर आठ और मैजेंटा लाइन पर चार स्टेशन शामिल हैं। खास बात यह है कि शिवाजी स्टेडियम स्टेशन को प्रदर्शन के कारण बंद कर दिया गया है, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया, राजीव चौक, खान मार्केट और INA जैसे प्रमुख स्टेशनों से यात्रा से पहले ताजा अपडेट जरूर देखें।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य और संगठन का एजेंडा
यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान गड़बड़ियां हुई हैं और वोट चोरी की घटनाएं हुई हैं। इससे पहले CJP ने मुंबई में प्रदर्शन किया था और अब 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने का ऐलान किया है। संगठन के नेता अभिजीत दिपके ने देशभर के युवाओं से दिल्ली पहुंचने की अपील की है, जिसमें छात्र संगठनों का भी समर्थन शामिल है।











