ग्वालियर में टेलीफोन मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमि पूजन
29 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ग्वालियर (Gwalior) में एशिया के पहले ‘टेलीफोन मैन्युफैक्चरिंग जोन’ का भूमि पूजन करेंगे। इस परियोजना में लगभग 5500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे करीब 18 हजार नई नौकरियों का सृजन होगा। यह खबर सिंधिया के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में दी गई है।
यह परियोजना न केवल ग्वालियर में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, तकनीकी नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। इस परियोजना की प्रगति के लिए जमीन, निवेश, अवसंरचना और औद्योगिक आवश्यकताओं पर निरंतर काम किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य और विकास कार्य
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एक समग्र औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण है, जिसमें डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण, नवाचार के साथ-साथ टेलीकॉम उपकरण और विभिन्न कंपोनेंट्स का उत्पादन शामिल है। यह पूरी योजना ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर आधारित है, जो कंपनियों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर, साझा सुविधाएं और अनुकूल औद्योगिक माहौल प्रदान करेगा। इससे कंपनियां कम समय में अपनी मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर सकेंगी।
सहयोग और वित्तीय सहायता
जुलाई 2026 में केंद्रीय टेलीकॉम विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच इस परियोजना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद, सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में इन्वेस्टर्स के लिए रोडशो का आयोजन किया गया। केंद्र सरकार इस परियोजना के पहले चरण के लिए 493 करोड़ रुपये की पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 170 एकड़ जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराई है। इस परियोजना को लागू करने के लिए बनाई गई स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) में राज्य सरकार की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी और टेलीकॉम विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। यह साझेदारी समय पर परियोजना पूरी करने, अवसंरचना विकसित करने और निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अमित शाह का मध्य प्रदेश दौरा और आगामी योजनाएं
अक्टूबर में यह दूसरा मौका होगा जब अमित शाह मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे। हाल ही में उन्होंने भोपाल में ‘गौ-पालक सम्मेलन’ में भाग लिया और ‘भारतीय न्याय संहिता’ पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरे का उद्देश्य राज्य में निवेश और विकास को प्रोत्साहित करना है।









