संसदीय मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
भारत (India) के संसद सदस्य मंगलवार को संसद से सड़क तक मार्च निकालेंगे, जिसमें 140 से अधिक सांसद शामिल होंगे। इस प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सख्त कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस दौरान बॉडी कैमरे लगाकर ड्यूटी संभाली है, ताकि प्रदर्शन के दौरान होने वाली घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड किया जा सके।
पुलिस की निगरानी के लिए बॉडी कैमरे का प्रयोग
पिछले दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर कई आरोप लगे थे। इसके बाद से ही पुलिस ने हर प्रदर्शन में बॉडी कैमरे का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा भी अब बॉडी कैमरे के साथ ड्यूटी पर तैनात हैं। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड कर रखना है, ताकि यदि पुलिस पर कोई आरोप लगे तो वह वीडियो सबूत के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम और ट्रैफिक डायवर्जन
नई दिल्ली जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें पुरुषों की 27 और महिलाओं की 4 कंपनियां शामिल हैं। संसद भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट गोलचक्कर, निर्वाचन सदन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। विरोध मार्च से पहले निर्वाचन सदन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत कर दिया गया है। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कनॉट प्लेस, पटेल चौक, विंडसर प्लेस, अशोक रोड, जंतर-मंतर रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।










