मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार योजना
मध्य प्रदेश सरकार हवाई यात्रा सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड का नेटवर्क तेजी से विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश में आगामी वर्षों में दस नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य है, साथ ही हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपैड स्थापित करने की योजना है।
वर्तमान में प्रदेश में कितने हवाई संपर्क मौजूद हैं?
वर्तमान में मध्य प्रदेश में कुल आठ एयरपोर्ट, बीस से अधिक एयरस्ट्रिप और लगभग 220 हेलीपैड कार्यरत हैं। वर्ष 2023-24 में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो जैसे प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट संचालित थे। इसके अतिरिक्त रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर इनकी संख्या बढ़ाई गई है। अब उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है, जिनके पूरा होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या दस हो जाएगी।
आगे बढ़ते कदम: नए एयरपोर्ट और हेलीपैड की योजना
राज्य सरकार पांच नए एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव पर भी काम कर रही है, जिनकी मंजूरी केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, प्रदेश की दस मौजूदा एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भी है, जिनमें सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड का निर्माण हो, ताकि आपातकालीन सेवाओं, वीआईपी मूवमेंट, मेडिकल इमरजेंसी और दूरदराज के इलाकों में तेज पहुंच संभव हो सके। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने का भी लक्ष्य है।
मध्य प्रदेश में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा 29 मई 2024 से शुरू हो चुकी है, जो आयुष्मान कार्डधारियों को निःशुल्क हवाई परिवहन सुविधा प्रदान करती है। अब तक इस सेवा से 186 मरीज और दुर्घटना पीड़ितों को लाभ पहुंच चुका है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में हेली टूरिज्म भी शुरू किया गया है, जिसमें आध्यात्मिक, हेरिटेज और वाइल्डलाइफ पर्यटन के लिए विशेष सेक्टर बनाए गए हैं। इंदौर से अबूधाबी के लिए पहली सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शुरू हो चुकी है, जो प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है।
सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में नया एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है, जिसमें शुरुआती चरण में 1800 मीटर लंबा रनवे बनाया जा रहा है, जिसे बाद में 2700 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हवाई संपर्क में आसानी होगी।
मध्य प्रदेश सरकार अपने विमान बेड़े में एक नया शासकीय विमान भी शामिल करने जा रही है, जिससे चार्टर्ड विमान पर होने वाले खर्च में कमी आएगी। कोविड-19 के दौरान प्रदेश का विमान दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से सरकार चार्टर्ड विमानों का ही उपयोग कर रही है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश का हवाई नेटवर्क अब केवल नए एयरपोर्ट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एयरस्ट्रिप, हेलीपैड, एयर एंबुलेंस, हेली टूरिज्म और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार की भी योजना है। इन सभी प्रयासों से प्रदेश की कनेक्टिविटी नई ऊंचाइयों को छूने वाली है, जो विशेष रूप से सिंहस्थ, मेडिकल इमरजेंसी, पर्यटन और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगी।










