भोपाल के LNCT कॉलेज में छात्र के साथ मारपीट और रैगिंग का मामला उजागर
भोपाल के प्रमुख शिक्षण संस्थान LNCT कॉलेज में एक जूनियर छात्र के साथ मारपीट और रैगिंग की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। बीई सिविल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के 19 वर्षीय छात्र उदयवीर सिंह ने अपने वरिष्ठ छात्र कार्तिक और उसके साथियों पर अभद्रता, शारीरिक हिंसा और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस शिकायत के आधार पर बिलखिरिया थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण और छात्र की शिकायत
उदयवीर के अनुसार, यह घटना 1 अक्टूबर की दोपहर करीब 12:30 बजे की है। वह कॉलेज की कैंटीन में अपने दोस्तों के साथ चाय पी रहा था, तभी सीनियर छात्र कार्तिक वहां पहुंचा और उससे कहा, “तुम कॉलेज में नए आए हो, सही से बात किया करो।” आरोप है कि इसके बाद उसने उसके साथ अभद्रता की और थप्पड़ मारा। दो घंटे बाद, दोपहर 2:30 बजे जब वह क्लास की ओर जा रहा था, तब कई सीनियर छात्र छिपे हुए थे। उन्होंने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था और उसे घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। इस हमले में उसके हाथ में चोट लगी और सिर पर गंभीर चोट के कारण पांच टांके लगाने पड़े। उसके दोस्तों तनिष और शुभ ने बीच-बचाव कर उसे सुरक्षित निकाला।
मामले की जांच और आगे की कार्रवाई
उदयवीर का आरोप है कि मारपीट के बाद आरोपी छात्र उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए। घटना के तुरंत बाद वह कॉलेज की एडमिशन शाखा पहुंचा और मदद मांगी। उसके अनुसार, कॉलेज की क्लीनिक में ले जाया गया, लेकिन वहां पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद उसे पास के निजी अस्पताल ले जाया गया। उदयवीर ने कॉलेज की फैकल्टी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि परिजनों को तुरंत सूचित नहीं किया गया। अस्पताल में भी कॉलेज स्टाफ ने डॉक्टर को चोट का कारण फुटबॉल खेलते समय लगी चोट बताने का दबाव डाला और घटना के संबंध में अपनी मर्जी से आवेदन लिखने को कहा।
बिलखिरिया थाना प्रभारी नरेंद्र कुलस्ते के अनुसार, कॉलेज में जूनियर और सीनियर छात्रों के बीच हुई मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने उदयवीर सिंह की शिकायत पर कार्तिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल, आरोपी छात्र फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस कॉलेज परिसर में लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है और घटना में शामिल छात्रों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह मामला रैगिंग से जुड़ा था और इसमें और कौन-कौन छात्र शामिल थे।








