दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था का आकलन और सुधार
दिल्ली में हाल ही में 17 वर्षीय युवती के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद राजधानी के पार्कों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने शहर के सभी पार्कों की सुरक्षा का विस्तृत ऑडिट कराया है, जिसमें चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
सुरक्षा खामियों का खुलासा और प्राथमिक कदम
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के 736 पार्कों में से केवल 16 पार्कों में ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था में कई अन्य कमियां भी पाई गई हैं, जिनको दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर, डीडीए ने इन पार्कों की सुरक्षा का पुनर्मूल्यांकन किया है। इस समीक्षा के आधार पर पार्कों को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: 190 पार्क उच्च जोखिम, 258 मध्यम जोखिम और 288 लो रिस्क श्रेणी में हैं।
सुरक्षा उपायों में तेजी और तकनीकी सुधार
अधिकारियों के अनुसार, उच्च जोखिम वाले पार्कों में सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें बाइक से पेट्रोलिंग, अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा गार्डों की तैनाती शामिल है। ऑडिट में यह भी पाया गया कि 520 पार्कों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है। इनमें से 231 पार्कों में तुरंत लाइटिंग सुधार का निर्णय लिया गया है, और पिछले हफ्ते 106 पार्कों में इन कार्यों को पूरा भी किया गया है। इसके साथ ही, 163 पार्कों के गेटों को सुरक्षित बनाने के लिए लॉक वाले गेट लगाए जा रहे हैं।
सिर्फ 16 पार्कों में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या अब बढ़ाकर 323 करने का लक्ष्य है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा, 399 पार्कों में बाउंड्री और ग्रिल की कमियों को भी दूर किया जा रहा है। बड़े पार्कों में रात की पेट्रोलिंग का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें 245 पार्कों में सुरक्षा गश्त जारी है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए, बायोमीट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है, जिससे कर्मचारियों की उपस्थिति का सही रिकॉर्ड रखा जा सके।
पार्कों में किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से तुरंत संपर्क स्थापित करने के लिए, स्थानीय पुलिस और बीट अधिकारियों की संपर्क जानकारी फील्ड स्टाफ को उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, डीडीए एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) भी तैयार कर रहा है, जिसमें पेट्रोलिंग, गार्ड की जिम्मेदारी, रिपोर्टिंग और पुलिस के साथ समन्वय जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल होंगे। हर हफ्ते पार्कों की सुरक्षा का निरीक्षण और समीक्षा की जाएगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।











