बारापुला फेज-3 खुलने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या
बारापुला फेज-3 के उद्घाटन के केवल दो दिन बाद ही भारी ट्रैफिक जाम ने मयूर विहार से INAE (India National Aeronautics and Engineering) तक के सफर को मुश्किल बना दिया। इस जाम ने यात्रियों को सामान्य 15 मिनट के रास्ते में दो घंटे से अधिक फंसे रहने पर मजबूर कर दिया। ट्रैफिक प्रबंधन के प्रयासों में अब ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी ड्रोन सर्वेक्षण, लेन समीक्षा, मर्जिंग पॉइंट्स में बदलाव और संभावित डायवर्जन शामिल हैं, ताकि पूरे कॉरिडोर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
सबसे अधिक जाम वाले स्थान और ट्रैफिक की स्थिति
मयूर विहार फेस-1 से शुरू होकर बारापुला फेज-3 के मुख्य मार्ग पर सूर्य घड़ी और सराय काले खां के पास सबसे अधिक ट्रैफिक जाम देखा गया। इसके अतिरिक्त, मयूर विहार फेस-1 और नोएडा से आने वाले रास्तों पर भी ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने लगी है। मयूर विहार के पास कई कट बंद होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूर्य घड़ी से लाजपत नगर और एम्स जाने वाले रास्ते पर भी लंबा जाम लगा रहा। वहीं, किदवई नगर और सीपीडब्ल्यूडी फ्लैट्स के पास भी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। लगातार बढ़ते जाम से लोगों में नाराजगी फैल गई है, और यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
ट्रैफिक सुधार के लिए तत्काल कदम और रणनीतियां
ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी ने उन स्थानों की पहचान की है जहां बिना बड़े निर्माण के ट्रैफिक प्रवाह को बेहतर बनाया जा सकता है। इन स्थानों पर बैरिकेड और कोन लगाकर वाहनों को अलग-अलग दिशाओं में धीरे-धीरे मर्ज करने, मैनुअल ट्रैफिक नियंत्रण और स्टॉप-एंड-गो व्यवस्था लागू करने जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए वाहनों को संभावित रूप से NH-24 (National Highway 24) की ओर डायवर्ट करने और Google Maps जैसे नेविगेशन ऐप्स पर रूटिंग में सुधार करने का भी सुझाव दिया गया है। इन कदमों से ट्रैफिक की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है और यात्रियों का सफर अधिक सुगम बन सकता है।









