मध्य प्रदेश कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसमें पूर्व अग्निवीरों को पांच प्रमुख वर्दीधारी विभागों में भर्ती के दौरान 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने का निर्णय किया गया है। यह कदम सेना से सेवानिवृत्त जवानों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस निर्णय का उद्देश्य इन युवाओं को सरकारी सेवाओं में बेहतर स्थान दिलाना है, जिससे उनकी सेवा के अनुभव का लाभ राज्य की विभिन्न विभागों को भी पहुंचे।
अग्निपथ योजना और राज्य सरकार का समर्थन
केंद्र सरकार ने 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी, जिसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल की सेवा के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जाती है। इस योजना के अंतर्गत, सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सैन्य पदों पर नियुक्ति का अवसर मिलता है, जबकि बाकी जवान सेवा से मुक्त हो जाते हैं। मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय इन युवाओं को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में शामिल करने का एक सकारात्मक कदम है, जो उनके करियर को स्थिरता और सम्मान प्रदान करेगा।
अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं और परियोजनाएं
इसके साथ ही, कैबिनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए हैं। राज्य में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के भुगतान के लिए अगले पांच वर्षों में 5,329 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म सहायता के रूप में 348.7 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे, जो सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे।
सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें दमोह-कटनी फोरलेन सड़क का निर्माण प्रमुख है, जिसकी लागत लगभग 4,470 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य केंद्र और औषधि नियंत्रण के लिए भी करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के मद्देनजर, कैबिनेट ने कान्हा डायवर्जन परियोजना और अन्य सिंचाई परियोजनाओं को भी जारी रखने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि और जल प्रबंधन को मजबूत बनाना है, ताकि मेले की तैयारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास भी सुनिश्चित हो सके।
मध्य प्रदेश सरकार ने कुल मिलाकर 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ग्रामीण विकास और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इन फैसलों का मकसद राज्य के समग्र विकास को गति देना और युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करना है।









