बारापूला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन
दिल्ली के यातायात और सड़क नेटवर्क में महत्वपूर्ण सुधार लाने के उद्देश्य से बारापूला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इस नई परियोजना के शुरू होने के बाद दिल्ली के यातायात में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेंगे। खासतौर पर नोएडा से एम्स (AIIMS) की दूरी अब महज 15 से 20 मिनट में तय की जा सकेगी, जो पहले के मुकाबले बहुत कम समय है।
यात्रा में सुगमता और यातायात में सुधार
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सोमवार को बताया कि इस परियोजना के शुरू होने से पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा करना आसान हो जाएगा। साथ ही, लंबी जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि बारापूला फेज-3 कॉरिडोर के चालू होने से मयूर विहार फेज-1 से लेकर एम्स तक की कनेक्टिविटी पूरी तरह से सिग्नल-फ्री हो जाएगी।
प्रोजेक्ट का महत्व और नए मार्ग की विशेषताएं
इस नए मार्ग के खुलने से नोएडा, गाजियाबाद और मयूर विहार के निवासियों के लिए दक्षिण दिल्ली का सफर आसान हो जाएगा। पहले जहां मयूर विहार से एम्स पहुंचने में लगभग एक घंटा यानी 60 मिनट का समय लगता था, वहीं अब यह दूरी मात्र 15 से 20 मिनट में पूरी हो सकेगी। यह परियोजना ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अमित शाह इस उद्घाटन के साथ ही शहर में कई अन्य विकास कार्यों की भी शुरुआत करेंगे। वे मोदी मिल से कालकाजी और सावित्री सिनेमा हाफ फ्लाईओवर का शिलान्यास करेंगे, साथ ही मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन करेंगे। इन नए फ्लाईओवर से दक्षिण दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, इस कॉरिडोर में साइकिल चलाने वालों के लिए अलग से लेन बनाई गई है, जहां वे आराम से साइकिल चला सकते हैं। साथ ही, मॉर्निंग वॉक के शौकीनों के लिए भी यह ट्रैक उपयुक्त है, जहां वे यमुना नदी का सुंदर दृश्य भी देख सकते हैं। शीशे की रेलिंग से सुसज्जित इस ट्रैक पर वॉक करने का अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा।
यह भी ध्यान देना जरूरी है कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को शुरू हुए नौ साल हो गए हैं। इसकी मंजूरी 2014 में मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ। शुरुआत में इसे 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन भौगोलिक चुनौतियों, धीमी प्रगति और प्रशासनिक अड़चनों के कारण इसमें देरी हुई। अब इसकी कुल लागत लगभग 1635 करोड़ रुपये हो गई है।
इस 3.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के जुड़ने से सराय काले खान के पास मौजूदा बारापूला फ्लाईओवर से मिलकर करीब 9 किलोमीटर का सिग्नल-फ्री रास्ता बन जाएगा, जो दिल्ली की यातायात व्यवस्था में एक नई क्रांति लाने वाला है।











