दिल्ली-NCR में मौसम में अचानक बदलाव का कारण
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR के मौसम में अप्रत्याशित परिवर्तन देखा जा रहा है। तेज बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि, यह मौसम का बदलाव स्थायी नहीं है और आने वाले दिनों में फिर से तापमान में वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का मौसम परिवर्तन मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी से उठे डीप डिप्रेशन या डीप प्रेशर सिस्टम के कारण हुआ है। यह सिस्टम उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से दिल्ली-NCR समेत आसपास के मैदानी इलाकों में मौसम में बदलाव देखा गया है।
मौसम में बदलाव के पीछे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव
मौसम में इस अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण पहाड़ी राज्यों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है। इस सिस्टम के कारण पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हुई, जिसका असर मैदानी क्षेत्रों पर भी पड़ा है। इन पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश और बर्फबारी का प्रभाव मैदानी इलाकों के मौसम पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। फिलहाल, कोई नई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय नहीं है, जिससे उम्मीद है कि पहाड़ी क्षेत्रों में धीरे-धीरे मौसम सामान्य हो सकता है। इसके साथ ही, मानसून की गतिविधियां अभी भी देश के कुछ हिस्सों में जारी हैं, जबकि राजस्थान और दिल्ली-NCR से मानसून विदाई ले चुका है।
आने वाले दिनों में मौसम का रुख क्या रहेगा?
अभी के समय में, दिल्ली-NCR में तापमान में गिरावट के बावजूद यह स्थायी सर्दी नहीं मानी जा सकती। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान फिर से बढ़ने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव आ सकता है। इस तरह के मौसमी बदलाव यह दर्शाते हैं कि मानसून के बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वर्तमान में, बारिश और ठंडक का यह दौर कल तक ही रहने की संभावना है, उसके बाद तापमान फिर से बढ़ सकता है। इसलिए, इस ठंडक को स्थायी सर्दियों की शुरुआत नहीं मानना चाहिए, बल्कि यह एक अस्थायी बदलाव है।










