दिल्ली के कालकाजी में नाबालिग लड़की के साथ हैवानियत का मामला
दिल्ली के कालकाजी क्षेत्र के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुई जघन्य घटना का पुलिस को भयावह बयान प्राप्त हुआ है। अपने जन्मदिन पर कालकाजी मंदिर दर्शन के लिए आई पीड़िता ने 21 सितंबर की उस डरावनी रात का विस्तार से वर्णन किया है। पीड़िता ने बताया कि वह अपने नाबालिग मित्र के साथ मंदिर देखने गई थी। इसके बाद दोनों कुछ समय के लिए आस्था कुंज पार्क में बैठे थे।
पीड़िता का घटनाक्रम और आरोपियों का उत्पीड़न
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बड़ी बहन को सूचित कर शाम लगभग 5 बजे अपने दोस्त के साथ घर से निकली थी। लगभग 6:15 बजे दोनों कालकाजी पहुंचे और करीब 7 बजे तक मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने गेट नंबर 7 से पार्क में प्रवेश किया। पीड़िता ने कहा कि उन्हें इस्कॉन मंदिर भी जाना था, लेकिन पहले पार्क में बैठकर चिप्स खाने का मन बनाया। तभी तीन युवकों ने उनके दोस्त को पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार और जांच जारी
पीड़िता के अनुसार, जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर धमकाया और कहा कि नाबालिग होने के कारण यहां घूमना मना है। उन्होंने दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और पीड़िता को झाड़ियों की ओर चलने का इशारा किया। डर के मारे पीड़िता ने कहा कि वह अपने माता-पिता को बुलाना चाहती थी, लेकिन आरोपियों ने उसकी बात नहीं सुनी। एक आरोपी ने अपने पास से काले रंग की पिस्टल निकालकर दिखाई और फिर चाकू से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती कर गैंगरेप किया, गर्दन पर चाकू रखकर उसे डराया-धमकाया।
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म के बाद उसे केवल जींस और टी-शर्ट दी, अंडरगार्मेंट्स नहीं दिए। इसके बाद उन्होंने उसे धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से मार देंगे। घटना के बाद पीड़िता ने अपने दोस्त को पूरी बात बताई, जिसने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आसिफ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। साथ ही हेमंत और उसके भाई को भी हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।








