मध्य प्रदेश में चुनाव सुधार और मतदाता सूची विवाद
मध्य प्रदेश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतर आई है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। राज्य कांग्रेस के प्रमुख जीतू पटवारी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पार्टी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करेगी और कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस का आरोप और विरोध प्रदर्शन की योजना
पटवारी ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उनका मानना है कि यह मामला केवल एक राजनीतिक पार्टी का नहीं, बल्कि हर मतदाता के अधिकार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का यह सही समय है।
मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
जब उनसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा SIR प्रक्रिया की प्रशंसा करने के बारे में पूछा गया, तो पटवारी ने तीखा जवाब देते हुए कहा, “ट्रंप उन्हें (कुमार को) अमेरिका ले जा सकते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रंप के दबाव में फैसले ले रहे हैं। साथ ही, उन्होंने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इन बदलावों की प्रक्रिया और कानूनी आधार स्पष्ट होना चाहिए।
पटवारी ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 के दिसंबर में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 42 लाख नाम हटा दिए गए थे, जबकि अंतिम सूची में कुल 34 लाख से अधिक नाम हटाए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में मिली आपत्तियों और दावों का खुलासा होना चाहिए। साथ ही, डिजिटल चुनावी प्रणाली में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और बूथ लेवल ऑफिसर की भूमिका का ऑडिट भी जरूरी है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में चुनाव प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं, जिनमें मुख्य न्यायाधीश की जगह गृह मंत्री को शामिल किया गया है।
कांग्रेस ने 25 सितंबर को अपने-अपने राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का निर्देश दिया है। पार्टी का कहना है कि ज्ञानेश कुमार की तुरंत गिरफ्तारी, उनके पद से हटाने और वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।










