असदुद्दीन ओवैसी का महाराष्ट्र में भाजपा और संघ पर तीखा हमला
असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के अहमदनगर में आयोजित एक जनसभा में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने दलितों और किसानों के कर्जमाफी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों को निशाना बनाते हुए कहा कि इन मुद्दों को भटकाने के लिए ये नेता झूठे प्रचार कर रहे हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि गांधीजी की हत्या के पीछे नाथूराम गोडसे का मकसद हिंदू-मुस्लिम दंगों को भड़काना था, और उसने गिरफ्तारी के बाद खुद को मुसलमान बताकर देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास किया।
गांधी हत्या का सच और नाथूराम गोडसे का मकसद
ओवैसी ने कहा कि गांधीजी की हत्या के पीछे नारायण आपटे, विष्णु करकरे, मदनलाल पाहवा और नाथूराम गोडसे का हाथ था। उन्होंने बताया कि जब गोडसे को गिरफ्तार किया गया, तो उसने खुद को मुसलमान बताते हुए कहा कि उसका खतना हुआ है, ताकि देश में हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क जाएं। इस तरह की घटनाओं को लेकर ओवैसी ने कहा कि इन लोगों ने गांधीजी की हत्या कर अपने आप को वीर समझा। यह सिलसिला उस समय से शुरू हुआ था और आज भी जारी है, जब कुछ लोग मीठे बोलकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
राजनीति में झूठ और विभाजन की प्रवृत्ति
ओवैसी ने कहा कि विकृत राजनीति का यह सिलसिला बहुत पुराना है और अभी भी कायम है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी कुछ नेता जनता को झूठे आश्वासन देकर धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में वही प्रवृत्ति अभी भी कायम है, जो जनता को भ्रमित करने का काम करती है। साथ ही, उन्होंने कहा कि देश में विभाजन की राजनीति को खत्म करने की जरूरत है और जनता को सच का साथ देना चाहिए।











