उज्जैन में जलझूलनी एकादशी के दौरान सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं
मंगलवार को उज्जैन में जलझूलनी एकादशी के अवसर पर विभिन्न स्थानों से फूलडोल चल समारोह और झांकियों का आयोजन किया गया। इन समारोहों को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक सड़कों पर उमड़ पड़े। इस दौरान अखाड़ों और कलाकारों ने मनोरंजन के लिए कई तरह के करतब दिखाए, जिनमें से कुछ प्रदर्शन बेहद जोखिम भरे साबित हुए। खासतौर पर प्रियदर्शनी चौराहे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक वाहन पर तखत लगाए खड़ा नजर आ रहा है। इस वीडियो में एक दूसरा युवक पटाखों में आग लगाता है और फिर वाहन से नीचे उतर जाता है।
खतरनाक प्रदर्शन और भीड़ की सुरक्षा को लेकर चिंता
जब यह करतब चल रहा था, उस समय आसपास सैकड़ों लोग मौजूद थे। यह प्रदर्शन केवल कलाकारों का ही नहीं था, बल्कि भीड़ भी इसकी चपेट में आ सकती थी। यदि किसी पटाखे या चिंगारी ने भीड़ की ओर दिशा बदल ली होती, तो स्थिति भयावह हो सकती थी। वीडियो में दिख रहे इस करतब के दौरान यदि कोई पटाखा भीड़ की तरफ फेंका जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इतनी भीड़ के बीच किसी भी तरह की चिंगारी या आग का फैलना भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर सकता था।
सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक प्रदर्शन और सवाल
करीब 12 सेकेंड के इस वीडियो में युवक का जीवन खतरे में नजर आ रहा है, वहीं आसपास खड़े लोगों की सुरक्षा भी दांव पर थी। शुक्र है कि इस प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि, इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि इतनी भीड़ के बीच इस तरह के आग और पटाखों से जुड़े करतब कैसे किए गए।
इसके अलावा, फ्रीगंज के घंटाघर क्षेत्र में भी कई कलाकारों ने आग से जुड़े करतब दिखाए, जिनके देखने के लिए हजारों लोग जमा थे। इन प्रदर्शनों के दौरान भीड़ की सुरक्षा का सवाल और भी बढ़ गया है, क्योंकि आग से जुड़े प्रदर्शन में यदि कोई अनहोनी हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पिछले साल भी इसी तरह का एक हादसा हुआ था, जब एक युवक आग से खेलते समय गंभीर रूप से झुलस गया था।
फूलडोल में निकले जलझूलनी एकादशी के समारोह में मनोरंजन के साथ-साथ सुरक्षा का भी ध्यान देना जरूरी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने फिर से इस बात को उजागर किया है कि भीड़ के बीच आग और पटाखों से किए जाने वाले करतब कितने खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे प्रदर्शन पर रोक लगाने की आवश्यकता पर भी चर्चा तेज हो गई है, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो सके।









