मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन की अनियमितताओं का खुलासा
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत किए गए कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। नईगढ़ी ब्लॉक के खटखरी गांव में लगभग 30 फीट ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया था, जो मार्च 2026 में पहली बार पानी भरने के दौरान ही ढह गई। इस दुर्घटना में आसपास का मलबा फैल गया, और आश्चर्यजनक रूप से उस समय वहां मौजूद एक JCB चालक बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
जल योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और निर्माण में खामियां
इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने PHE (Public Health Engineering) विभाग के तीन इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला 2021-22 में शुरू हुई जल जीवन मिशन योजना से जुड़ा है, जिसमें नईगढ़ी ब्लॉक के कई गांवों में ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन, और घरेलू नल कनेक्शन का कार्य कराया जाना था। इस कार्य के लिए लगभग 3 करोड़ 85 लाख रुपये का ठेका शिवेंद्र कुमार तिवारी को दिया गया था, जिसे नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन आरोप है कि पांच साल बीतने के बाद भी यह योजना अधूरी ही रह गई है, और भुगतान भी बिना कार्य पूरा किए ही निकाल लिया गया।
जांच में सामने आई निर्माण और योजना की खामियां
EOW की जांच में यह भी पता चला कि योजना से जुड़े दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। टीम ने विभिन्न गांवों का निरीक्षण किया, जहां निर्माण कार्य अधूरा पाया गया। कई जगहों पर टैंक, पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन का काम पूरा नहीं हुआ था, और रिकॉर्ड में काम पूरा होने का दिखावा किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि विभाग की निगरानी और भुगतान प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई है। खटखरी गांव में पानी की टंकी गिरने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जिसमें कथित तौर पर मानकों का उल्लंघन और कम क्षमता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया।









