सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में इमारत गिरने की घटना के बाद पूरे देश में अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस हादसे के तुरंत बाद सरकार और संबंधित अधिकारियों ने मिलकर अवैध निर्माण को रोकने और तोड़ने का अभियान तेज कर दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया है।
सुप्रीम कोर्ट का अवैध निर्माण पर कड़ा रुख और सरकारी कदम
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देते हुए पूछा कि आखिर क्यों नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। अदालत ने पूछा कि रिहायशी इलाकों में गैरकानूनी व्यावसायिक गतिविधियों को क्यों अनुमति दी जा रही है। सरकार ने जवाब दिया कि अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इन इमारतों को तोड़ा जा रहा है। साथ ही, NDMC (नई दिल्ली नगर निगम) और पुलिस विभाग इस कार्य में पूरी मदद कर रहे हैं।
जयपुर और भोपाल में भी अवैध निर्माण के खिलाफ कदम उठाए गए
इस बीच, जयपुर और भोपाल जैसे शहरों में भी अवैध इमारतों को सील करने का अभियान चलाया गया है। इस संदर्भ में गोपाल शंकर नारायण ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। उल्लेखनीय है कि 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिर गई थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। उस समय बिल्डिंग की बेसमेंट में मरम्मत का कार्य चल रहा था। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के अभिषेक, छत्तीसगढ़ के युवराज सोनी, उत्तर प्रदेश के पवन, मध्य प्रदेश के अर्पित जहाज, कटनी के अक्षत सिंह यादव और मजदूर सुरिंदर सिंह जैसे कई लोग मारे गए।








