अयोध्या राम मंदिर में दान और कीमती सामान की जांच का अपडेट
अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में दान की रकम और कीमती वस्तुओं में कथित अनियमितताओं के मामले में SIT ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, CCTV फुटेज की समीक्षा में 105 ऐसी घटनाएं उजागर हुई हैं, जिनमें बिना अनुमति के दान की रकम से संबंधित कमरे से पैसे हटाने या छुपाने की कोशिश की गई। इस मामले में अब तक 173 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। SIT ने यह भी जानकारी दी है कि 25 सितंबर तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
कीमती सामान और दान की पारदर्शिता पर SIT की रिपोर्ट
सभी जांच के दौरान, SIT ने 86 ऐसे कीमती सामान भी बरामद किए हैं, जिनके बिना रसीद के दान किए जाने का संदेह था। इसके साथ ही TCS सॉफ्टवेयर के माध्यम से 803 कीमती वस्तुओं के लिए जारी रसीदों की भी पुष्टि की गई है। ट्रस्ट के रिकॉर्ड और SBI लॉकर में रखे गए इन कीमती सामानों की भौतिक जांच भी की गई है। जांच में यह भी पता चला है कि दान में मिली चांदी के संदर्भ में 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें, 38.288 किलोग्राम चांदी, चांदी के हार, चरण पादुका और रामचरितमानस जैसी मीडिया रिपोर्टों की भी समीक्षा की गई। इन सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद कोई भी गड़बड़ी नहीं पाई गई।
चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं की जांच और कोर्ट का निर्णय
SIT ने यह भी बताया कि ट्रस्ट ने 944.411 किलोग्राम सफेद धातु, जिसे चांदी माना जा रहा है, को सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (Security Printing and Minting Corporation of India Limited) के पास पिघलाने के लिए भेजा है। इस प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड की भी जांच की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने SIT की रिपोर्ट को अपने रिकॉर्ड में लिया है। जांच के दौरान कुछ आरोपियों की पहचान भी की गई है, और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित गड़बड़ी कितनी बार और किस तरह से हुई।









