दिल्ली हाईकोर्ट में नई जजों की नियुक्ति मंजूर
दिल्ली हाईकोर्ट में सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है। माना जा रहा है कि ये नवनियुक्त जज सोमवार को शपथ ग्रहण कर अपने कार्यभार संभाल सकते हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा सुझाए गए आठ नामों में से सात नामों को मंजूरी दी है। इन नियुक्तियों के साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 51 हो जाएगी, जो न्यायपालिका की कार्यक्षमता को मजबूत करने का संकेत है।
नए जजों की नियुक्ति और पदोन्नति का विवरण
हाईकोर्ट में कुल 60 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से दो जजों को स्थायी पद पर नियुक्त किया गया है। इनमें निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना शामिल हैं। इसके अलावा, संजय शर्मा, सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त किया गया है। अरुण भारद्वाज वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को इन नामों की सिफारिश की थी, जिसमें गुरविंदर पाल सिंह का नाम भी शामिल था, लेकिन फिलहाल उनकी नियुक्ति लंबित है।
अन्य हाईकोर्ट में भी जजों की नियुक्ति
इसके अतिरिक्त, तीन अन्य हाईकोर्ट में भी जजों की नियुक्ति हुई है। झारखंड हाईकोर्ट में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को जज बनाया गया है। कर्नाटक हाईकोर्ट में ऊषा रानी, के. एस. भरत कुमार और नेराले वीर भद्रैया भवानी को स्थायी जज पद पर नियुक्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में यश पॉल बॉर्नी को जज के रूप में नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों का खास पहलू यह है कि सभी न्यायिक सेवा से पदोन्नत होकर हाईकोर्ट पहुंचे हैं, यानी जिला जज स्तर के अधिकारियों को सीधे हाईकोर्ट में जज के पद पर नियुक्ति मिली है।









