मध्यप्रदेश की शहडोल सीट से सांसद हिमाद्री सिंह का तलाक
मध्यप्रदेश के शहडोल लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुकी हिमाद्री सिंह का पति नरेंद्र सिंह मरावी का तलाक हो गया है। दोनों कई वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे। अदालत ने तलाक के आवेदन पर फैसला सुनाते हुए डिक्री जारी कर दी है। इन दोनों की शादी 23 नवंबर 2017 को अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में हुई थी। उनकी एक बेटी है, गिरिशा कुमारी सिंह, जो अभी भी हिमाद्री के साथ रहती है।
हिमाद्री सिंह का राजनीतिक और पारिवारिक परिचय
हिमाद्री सिंह का जन्म मध्यप्रदेश के एक प्रसिद्ध आदिवासी राजनीतिक परिवार में हुआ है। उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उनकी माता राजेश नंदिनी सिंह कोतमा से विधायक और शहडोल से सांसद रह चुकी हैं। दोनों ही माता-पिता का निधन हो चुका है। हिमाद्री ने दिल्ली में शिक्षा प्राप्त की है और उन्हें देश के प्रमुख युवा आदिवासी नेताओं में गिना जाता है। हाल ही में, उन्होंने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित विश्व युवा सांसद सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
पति नरेंद्र सिंह मरावी का राजनीतिक इतिहास और तलाक का कारण
हिमाद्री सिंह के पति नरेंद्र सिंह मरावी का भी राजनीतिक पृष्ठभूमि से संबंध है। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। 2009 में, उन्होंने हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। बाद में, वह राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रहे। नरेंद्र का राजनीतिक प्रभाव हिमाद्री को कांग्रेस से भाजपा में लाने में अहम भूमिका निभाता रहा है। 2018 में, उन्होंने पुष्पराजगढ़ से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। दोनों के बीच कई वर्षों से अलगाव की खबरें चल रही थीं, और अब कोर्ट के फैसले के बाद उनका वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से समाप्त हो गया है।










