नेपाल ने फ्लैश फ्लड के लिए भारत से मुआवजे की मांग की
नेपाल ने हाल ही में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत से मुआवजे की अपील की है। इस प्राकृतिक आपदा में भारी तबाही मची है, और नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने आरोप लगाया कि जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार तीन देशों में चीन, अमेरिका और भारत का योगदान प्रमुख है। खनाल के इस बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
भारत का जवाब: साझा जिम्मेदारी और सहयोग का महत्व
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत का मानना है कि जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चुनौती है, जिसे हल करने के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए जिम्मेदारी ‘साझा लेकिन अलग-अलग क्षमताओं’ के आधार पर तय होनी चाहिए। भारत का तर्क है कि जो देश ऐतिहासिक रूप से अधिक उत्सर्जन कर चुके हैं, उन्हें ही तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए।
नेपाल का रुख और वर्तमान स्थिति
नेपाल के विदेश मंत्री ने बाद में अपने बयान में स्पष्ट किया कि न तो नेपाल सरकार ने भारत, चीन या अमेरिका से विशेष मुआवजे की मांग की है। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य वैश्विक समुदाय को जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों के प्रति जागरूक करना और दीर्घकालिक सहयोग की अपील करना है। इस आपदा में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और हजारों लोग लापता हैं।
भारत ने इस त्रासदी के दौरान नेपाल के प्रति एकजुटता और समर्थन का संकेत दिया है। भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह पुनर्निर्माण और राहत कार्यों में नेपाल का समर्थन जारी रखेगा, क्योंकि दोनों देश मित्र और साझेदार हैं।









