पुलिस अधीक्षक का अनूठा शिक्षण अंदाज
बगहा के 10+2 सहकारी प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में पुलिस अधीक्षक (IPS) राजेश कुमार का एक अनूठा और प्रेरणादायक अनुभव देखने को मिला। सामान्यतः कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी ने इस बार अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शिक्षक की भूमिका निभाई। जब वे विद्यालय पहुंचे, तो उन्होंने अधिकारियों की तरह निरीक्षण करने के बजाय छात्राओं के बीच बैठकर संवाद स्थापित किया।
एसपी ने छात्राओं के साथ बैठकर उनके सवालों का जवाब दिया और फिर खुद ब्लैकबोर्ड पर जाकर पढ़ाना शुरू कर दिया। इस अनूठे प्रयास से छात्राओं में उत्साह का माहौल बन गया। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और समय के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिससे छात्राओं का मनोबल बढ़ा।
एसपी का प्रेरक संदेश और छात्राओं का उत्साह
पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को जीवन में सफलता पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और अनुशासन सफलता की कुंजी हैं। एसपी ने यह भी कहा कि आज की मेहनत ही बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखेगी। छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने का माध्यम समझकर पढ़ाई में लगने का आह्वान किया।
विद्यालय में एसपी का यह अनूठा अंदाज छात्राओं के लिए भी खास रहा। सामान्यतः पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था संभालते देखा जाता है, लेकिन इस बार उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाकर सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने बच्चों के साथ सहजता से बातचीत की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
समाज की जिम्मेदारी है बच्चों की शिक्षा में सहयोग
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनके उज्जवल भविष्य का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और अपने भविष्य के लिए अभी से लक्ष्य तय करने का संदेश दिया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकगण, पुलिस अधिकारी और कर्मी भी मौजूद रहे।
बगहा में एसपी का यह ‘टीचर वाला अंदाज’ चर्चा का विषय बन गया है, जहां खाकी वर्दी में अधिकारी ने कानून का पालन कराने के साथ-साथ बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने का पाठ पढ़ाया। यह अनूठा प्रयास न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत है।










